आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले के चिन्तलपुडी में एक दिलचस्प और विचित्र घटना सामने आई, जिसमें एक कर्मचारी ने अपनी पत्नी के साथ मालिक द्वारा किए गए अपमान का बदला लेने के लिए चोरी की योजना बनाई. इस घटना में एक व्यक्ति ने न केवल अपनी नौकरी खोई, बल्कि अपने मालिक को परेशान करने के उद्देश्य से 7 करोड़ रुपये का सोना चुराया. यह कहानी बताती है कि किस प्रकार एक छोटी सी नाराजगी और घबराहट के चलते किसी के जीवन का दिशा बदल सकता है.
चोरी का घटनाक्रम और आरोपी की पहचान
यह घटना 9 सितंबर 2025 को हुई, जब चिन्तलपुडी स्थित कनक दुर्गा फाइनेंस कंपनी में एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई. इस कंपनी का मुख्य काम अपने ग्राहकों से सोने के आभूषण गिरवी रखकर उन्हें ऋण देना था. वदलमुडी के एक कर्मचारी उमा महेश को गिरवी रखे गए सोने का ऑडिट करना था. लेकिन जब उनका ध्यान किसी और काम में था, तब महेश ने चोरी की योजना बनाई. उसने एक थैले में साढ़े चार किलो सोना भरकर फरार हो गया. इस घटना के बाद कंपनी के प्रबंधक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की.
पुलिस की जांच और गिरफ्तारी
चोरी की जानकारी मिलते ही पुलिस ने आसपास के वाहनों की तलाशी ली, लेकिन आरोपी का कोई पता नहीं चला. हालांकि, पुलिस ने अंततः महेश को गिरफ्तार कर लिया. चोरी किए गए सोने की कीमत लगभग 7 करोड़ रुपये बताई गई, जिसमें से महेश ने केवल 6 ग्राम सोने की अंगूठी अपने व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए रखी. पुलिस ने बाकी सोना बरामद कर लिया, लेकिन जब महेश से चोरी के कारणों के बारे में पूछा गया, तो उसने एक चौंकाने वाली वजह बताई.
क्या था चोरी करने का कारण?
महेश का पैतृक गांव नेल्लोर है, और उसकी पत्नी भी उसी फाइनेंस कंपनी में काम करती है. घटना के मुताबिक, कंपनी के मालिक ने महेश की पत्नी से बदतमीजी से बात की, जिससे महेश बहुत नाराज हुआ. उसने सोचा कि यह अपमान उसे और उसकी पत्नी को झेलने के लिए मजबूर कर रहा था, और इसी कारण उसने मालिक से बदला लेने की सोची. महेश ने चोरी कर ली, ताकि उसे कुछ शांति मिले और साथ ही कंपनी को परेशान करने का मौका मिल सके. हालांकि, उसे यह अंदाजा नहीं था कि इस फैसले से उसकी पूरी जिंदगी पलट जाएगी.
महेश की गिरफ्तारी और जीवन का मोड़
महेश ने चोरी के बाद चार महीने तक पुलिस से बचने की कोशिश की, और फोन पर किसी से भी संपर्क नहीं किया. लेकिन अंततः पुलिस विभाग के सूचना और संचार विभाग द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया. महेश अब जेल में है, और उसने स्वीकार किया कि उसका इरादा सिर्फ अपनी पत्नी के अपमान का बदला लेना था. इस घटना ने यह साबित कर दिया कि छोटी सी नाराजगी और गुस्सा भी किसी की जिंदगी को पूरी तरह बदल सकता है.
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