अर्थ मिनरल्स का उपयोग आर्थिक दबाव बनाने के लिए... भारत-EU FTA पर बोले पीएम मोदी

India-EU Business Forum: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने हाल ही में भारत मंडपम में आयोजित भारत-EU बिजनेस फोरम में संबोधन दिया. इस मंच पर दोनों नेताओं ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की घोषणा के बाद व्यापारिक नेताओं और उद्योगपतियों को संबोधित किया.

Use of earth minerals to create economic pressure PM narendra Modi speaks on India-EU FTA
Image Source: Social Media

India-EU Business Forum: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने हाल ही में भारत मंडपम में आयोजित भारत-EU बिजनेस फोरम में संबोधन दिया. इस मंच पर दोनों नेताओं ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की घोषणा के बाद व्यापारिक नेताओं और उद्योगपतियों को संबोधित किया. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक व्यापार, प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्ण खनिजों के संदर्भ में अपनी बात रखते हुए वैश्विक चुनौतियों पर भी संकेत दिए.

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि आज वैश्विक व्यापार, प्रौद्योगिकी और रेयर अर्थ मिनरल्स का उपयोग कभी-कभी हथियारों और आर्थिक दबाव के तौर पर किया जा रहा है. उन्होंने इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था की चुनौती बताते हुए कहा कि ऐसे समय में भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का महत्व और बढ़ जाता है. उन्होंने इस समझौते को “नए युग का शंखनाद” करार दिया, जो व्यापारिक दुनिया के लिए स्थिरता और भरोसेमंद साझेदारी का संदेश देता है.

भारत-EU व्यापारिक सहयोग की वर्तमान स्थिति

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्तमान में भारत और यूरोपीय संघ के बीच निवेश और व्यापारिक संबंध बहुत गहरे हो चुके हैं. उन्होंने बताया कि यूरोपियन संघ में भारतीय निवेश लगभग 40 अरब यूरो तक पहुंच चुका है. इसके अलावा, दोनों क्षेत्रों के बीच अनुसंधान एवं विकास (R&D), विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि यह साझेदारी केवल व्यवसाय तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के व्यापक हित में भी इसे आगे बढ़ाया जाए. इसी दृष्टि के तहत भारत और यूरोपीय संघ ने एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप दिया है. इस समझौते का मकसद केवल व्यापार बढ़ाना नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखला और तकनीकी सहयोग को भी मजबूत करना है.

मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लाभ

प्रधानमंत्री ने FTA के महत्व को बताते हुए कहा कि यह समझौता विशेष रूप से भारत के श्रम-प्रधान उत्पादों के लिए यूरोपियन बाजार में आसान पहुंच सुनिश्चित करेगा. इसके तहत कई क्षेत्रों में नई संभावनाएं खुलेंगी:

  • वस्त्र और रत्न-आभूषण: भारतीय वस्त्र और ज्वैलरी यूरोप के बाजार में आसानी से पहुंच पाएंगे.
  • ऑटो पार्ट्स और इंजीनियरिंग उत्पाद: यह समझौता विनिर्माण क्षेत्र के लिए नए अवसर लाएगा.
  • फल, सब्जियां, प्रोसेस्ड फूड और समुद्री उत्पाद: किसानों और मछुआरों को सीधे लाभ मिलेगा.
  • सेवा क्षेत्र: आईटी, एजुकेशन, ट्रेडिशनल मेडिसिन और बिजनेस सर्विस सेक्टर में विस्तार की संभावना बढ़ेगी.

प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक कारोबारी परिदृश्य में बड़े बदलाव हो रहे हैं और हर कंपनी अपनी बाजार रणनीति और साझेदारियों पर पुनर्विचार कर रही है. ऐसे समय में FTA व्यापार जगत को स्पष्ट दिशा और भरोसेमंद वातावरण प्रदान करता है.

वैश्विक तकनीकी और ऊर्जा सहयोग

मोदी ने अपने भाषण में ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर एनर्जी, जल संसाधन, सर्कुलर इकॉनमी और कृषि जैसे क्षेत्रों में संयुक्त शोध और निवेश बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि व्यापार, प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्ण खनिजों का वैश्विक स्तर पर हथियारों की तरह इस्तेमाल हो रहा है.

ऐसे में भारत और यूरोपीय यूनियन को मिलकर इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी और चिप्स जैसे क्षेत्रों में बाहरी निर्भरता कम करनी होगी और एक विश्वसनीय वैकल्पिक आपूर्ति श्रृंखला बनानी होगी. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह FTA दोनों देशों के व्यापारिक समुदायों के लिए भरोसेमंद, सक्षम और भविष्य-उन्मुख साझेदारी बनाने का खुला निमंत्रण है.

भारत-EU व्यापार के पिछले अनुभव

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पिछले 10 वर्षों में भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापारिक वृद्धि का जिक्र करते हुए कहा कि हमारा व्यापार दोगुना होकर 180 बिलियन यूरो तक पहुंच गया है. इसके अलावा, भारत में 6,000 से अधिक यूरोपीय कंपनियां काम कर रही हैं, जबकि यूरोपियन यूनियन में 1,500 भारतीय कंपनियां कार्यरत हैं. उन्होंने कहा कि इस समझौते से दोनों देशों के कारोबारी नेताओं को नए अवसर मिलेंगे और वैश्विक व्यापार के क्षेत्र में नई संभावनाओं का मार्ग खुलेगा.

प्रधानमंत्री मोदी और यूरोपीय आयोग प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मिलकर यह संदेश दिया कि भारत और यूरोपीय संघ की साझेदारी अब केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, जलवायु और समाज के हर क्षेत्र में एक मजबूत और भरोसेमंद सहयोग का प्रतीक बनेगी.

ये भी पढ़ें- Hollywood OTT Releases: इस हफ्ते OTT पर मिलेगा एंटरटेनमेंट का फुल डोज, रिलीज होंगी ये बवाल हॉलीवुड सीरीज