भारत आया अफगानिस्तान के करीब तो अमेरिका ने दिया पाकिस्तान का साथ, तालिबान के पलटवार को बताया आतंकी हमला

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर लगातार तनाव बना हुआ है. दोनों देशों के बीच कई बार हिंसक झड़पें हो चुकी हैं.

US supports pakistan amid afghanistan conflict right to defend against terrorist attacks
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पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर लगातार तनाव बना हुआ है. दोनों देशों के बीच कई बार हिंसक झड़पें हो चुकी हैं. इसी बीच अमेरिका ने पाकिस्तान का समर्थन करते हुए कहा है कि हर देश को आतंकवादी हमलों से अपनी सुरक्षा करने का अधिकार है.

अमेरिकी विदेश विभाग (US State Department) ने बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद का सामना कर रहा है और अमेरिका आतंकवादी हमलों से अपनी रक्षा करने के उसके अधिकार का समर्थन करता है.

फरवरी से लगातार जारी हैं हमले

इस साल फरवरी में दोनों देशों के बीच हालात काफी बिगड़ गए थे. 21 फरवरी को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के नंगरहार, पकतीका और खोस्त प्रांतों में हवाई हमले किए थे. इसके जवाब में अफगान बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की. इसके बाद से दोनों देशों के बीच कई बार सीमा पर संघर्ष की घटनाएं सामने आई हैं.

संयुक्त राष्ट्र ने एयरस्ट्राइक पर जताई चिंता

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 27 जून को पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान की सीमा के पास किए गए हवाई हमले में कम से कम 28 आम नागरिकों की मौत हुई और 49 लोग घायल हुए. यह कार्रवाई कराची में सिंध रेंजर्स के मुख्यालय पर हुए हमले के बाद की गई थी, जिसमें तीन पाकिस्तानी जवान मारे गए थे.

पाकिस्तान ने इस हमले के लिए तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े संगठन जमात-उल-अहरार को जिम्मेदार ठहराया था.

दोनों देशों के बीच बढ़ी टकराव की स्थिति

27 जून के बाद अफगानिस्तान के तालिबान प्रशासन ने दावा किया कि उसने भी पाकिस्तान के कुछ इलाकों को निशाना बनाया. वहीं पाकिस्तान का कहना है कि उसकी सेना ने बलूचिस्तान में कई ड्रोन मार गिराए और इसके बाद अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में कार्रवाई कर तालिबान के हथियारों और गोला-बारूद के ठिकानों को निशाना बनाया.

फिलहाल दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है और तालिबान ने पाकिस्तान की कार्रवाई का जवाब देने की बात कही है.

अमेरिका ने पाकिस्तान का किया समर्थन

अमेरिका के इस बयान को पाकिस्तान के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है. अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि वह पाकिस्तान के आतंकवाद से अपनी सुरक्षा करने के अधिकार का समर्थन करता है. इससे यह भी साफ होता है कि अमेरिका अफगान तालिबान को आतंकवादी संगठन के रूप में देखता है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा व्हाइट हाउस लौटने के बाद अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में पहले से सुधार देखा गया है. पाकिस्तान को अमेरिका का प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी भी माना जाता है.

पाकिस्तान लंबे समय से लगाता रहा है आरोप

पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल ऐसे आतंकवादी समूह करते हैं, जो पाकिस्तान में हमले करते हैं. दूसरी ओर अफगान तालिबान इन आरोपों को लगातार खारिज करता रहा है. उसका कहना है कि पाकिस्तान में आतंकवाद उसकी अपनी आंतरिक समस्या है और इसके लिए अफगानिस्तान को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.

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