अमेरिकी सैनिकों ने पटाया पहुंचते ही मचाया हंगामा, शराब के नशे में की मारपीट! देखें नाइटलाइफ का Video

करीब 286 दिनों तक समुद्र में तैनात रहने के बाद अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन के लगभग 5,000 सैनिक थाईलैंड पहुंचे तो वहां विवाद खड़ा हो गया.

US soldiers caused a ruckus in Pattaya engaged in a drunken brawl Thailand
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बैंकॉक: करीब 286 दिनों तक समुद्र में तैनात रहने के बाद अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन के लगभग 5,000 सैनिक थाईलैंड पहुंचे तो वहां विवाद खड़ा हो गया. पटाया में कुछ अमेरिकी मरीन पर शराब के नशे में हंगामा और मारपीट करने के आरोप लगे. इसके बाद थाई अधिकारियों ने सख्ती दिखाते हुए सैनिकों के शहर के कई बड़े मनोरंजन और नाइटलाइफ इलाकों में जाने पर रोक लगा दी.

2 सितंबर को अमेरिकी नौसेना का परमाणु ऊर्जा से चलने वाला विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन थाईलैंड के लैम चाबांग बंदरगाह पहुंचा. जहाज पर करीब 5,000 नाविक और मरीन सवार थे. करीब 10 महीने बाद उन्हें पहली बार जमीन पर उतरने का मौका मिला. जहाज चोनबुरी प्रांत में रुका, जो समुद्र किनारे बसे पटाया शहर से करीब 30 मिनट की दूरी पर है.

आमतौर पर अमेरिकी विमानवाहक पोत हर 30 से 45 दिन में किसी बंदरगाह पर रुकते हैं. इस दौरान जरूरी सामान लिया जाता है, जहाज की मरम्मत होती है और सैनिकों को आराम मिलता है. लेकिन अब्राहम लिंकन लंबे समय तक समुद्र में रहा. रिपोर्टों के मुताबिक, इसने लगातार 264 दिन तक किसी बंदरगाह पर कदम नहीं रखा, जो एक नया रिकॉर्ड बताया जा रहा है. थाईलैंड पहुंचने के बाद एक मरीन ने इसे सपने जैसा अनुभव बताया.

महीनों तक समुद्र में तैनात रहे अमेरिकी सैनिक

यूएसएस अब्राहम लिंकन नवंबर 2025 में सैन डिएगो से रवाना हुआ था. शुरुआत में माना गया था कि इसका मिशन करीब छह से नौ महीने का होगा. लेकिन जनवरी में इसे पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र से हटाकर पश्चिम एशिया भेज दिया गया. यहां इसे ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य तैयारियों का हिस्सा बनाया गया.

क्षेत्र में तनाव बढ़ने के साथ ही जहाज की तैनाती भी लगातार लंबी होती गई. अमेरिकी नौसेना के अभियानों और समुद्री घेराबंदी के कारण जहाज के चालक दल को तय समय से काफी ज्यादा दिन समुद्र में रहना पड़ा.

अमेरिकी नौसेना का कहना है कि जहाज अब भी पूरी तरह काम करने की स्थिति में है. वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 14 अगस्त को कहा था कि यह तैनाती बहुत ज्यादा लंबी नहीं थी. हालांकि, जहाज पर सामान की कमी, खराब सुविधाओं और लगातार बढ़ते तनाव को लेकर कई रिपोर्ट सामने आई हैं. कुछ रिपोर्टों में नाविकों के मानसिक दबाव और आत्महत्या के विचारों का भी जिक्र किया गया है.

पटाया पहुंचते ही सैनिकों पर लगे हुड़दंग के आरोप

पटाया पहुंचने के बाद अमेरिकी सैनिकों को लेकर कई तरह की शिकायतें सामने आईं. मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि कुछ सैनिक शराब के नशे में हंगामा और मारपीट करते नजर आए. इसके बाद थाई अधिकारियों ने उनके शहर के कई प्रमुख मनोरंजन और नाइटलाइफ इलाकों में जाने पर पाबंदी लगा दी.

लंबे समय तक समुद्र में रहने के दौरान जहाज के अंदर की स्थिति को लेकर भी सवाल उठे हैं. रिपोर्टों में खाने के लिए लंबी कतारें, खराब शौचालय और साबुन-टूथपेस्ट जैसी जरूरी चीजों की कमी का जिक्र किया गया. शॉवर वाले हिस्सों में फफूंद और लॉन्ड्री की सुविधाओं में खराबी की शिकायतें भी सामने आईं.

इसके अलावा जहाज का कचरा जलाने वाला संयंत्र भी खराब हो गया था, जिसके कारण कचरे को संभालने में परेशानी हुई. पटाया में जहाज के कप्तान डैन कीलर ने भी मीडिया से बात करते हुए इसकी हालत की तुलना पार्किंग में खड़ी एक गंदी कार से की.