Madhya Pradesh UCC Bill: मध्य प्रदेश विधानसभा में हंगामे के बीच समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को मंजूरी मिल गई है. इसके साथ ही मध्य प्रदेश, UCC लागू करने वाला देश का चौथा राज्य बन जाएगा. इससे पहले उत्तराखंड, गुजरात और असम में इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
विपक्ष ने किया विरोध
विधेयक पेश होने के दौरान विधानसभा में विपक्ष ने जमकर विरोध किया. कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ आवाज उठाई. हालांकि, हंगामे के बीच बहुमत से UCC विधेयक पारित हो गया. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधेयक पर बोलते हुए विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे पर दोहरा रवैया अपना रहे हैं और जनता सब देख रही है.
मुख्यमंत्री ने गिनाए विधेयक के प्रावधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून व्यवस्था बनाना है. उन्होंने कहा कि अब राज्य में विवाह और परिवार से जुड़े मामलों में एक जैसे नियम लागू होंगे. उन्होंने यह भी कहा कि एक से अधिक विवाह करने पर कार्रवाई का प्रावधान होगा. सरकार का कहना है कि इस कानून से महिलाओं के अधिकारों की रक्षा होगी.
मध्यप्रदेश के इतिहास में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ा है…
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) July 21, 2026
मध्यप्रदेश विधानसभा ने 'मध्यप्रेदश समान नागरिक संहिता, 2026' (UCC) विधेयक को ध्वनि मत से पारित किया।
विदेशी ताकतों द्वारा जिस जगदीशपुर की धरती को इस्लामनगर बनाकर शरिया कानून लागू किया गया था, उसी धरती से हमारी…
लिव-इन रिलेशनशिप का कराना होगा रजिस्ट्रेशन
UCC विधेयक में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी प्रावधान रखे गए हैं. कानून लागू होने के बाद मध्य प्रदेश में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले लोगों को अपना रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा. इसके अलावा विवाह, तलाक और दोबारा शादी से जुड़े नियमों में भी बदलाव किए जाएंगे.
हलाला जैसी प्रथाओं पर रोक का प्रावधान
विधेयक में तलाक के बाद दोबारा शादी से जुड़ी कुछ प्रथाओं को लेकर भी प्रावधान शामिल किए गए हैं. सरकार के अनुसार, ऐसी किसी भी शर्त को बढ़ावा देना या किसी व्यक्ति को इसके लिए मजबूर करना अपराध माना जाएगा. सरकार का कहना है कि UCC लागू होने के बाद सभी नागरिकों के लिए समान कानून व्यवस्था बनेगी और महिलाओं के अधिकारों को मजबूती मिलेगी.
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