अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले ने ईरान को एक बड़े झटके से लहूलुहान कर दिया है. इस हमले में ईरान का सबसे ऊंचा और महत्वाकांक्षी B-1 ब्रिज, जो निर्माणाधीन था, पूरी तरह से तबाह हो गया है. यह ब्रिज, जो तेहरान और कराज के बीच का प्रमुख संपर्क मार्ग था, मिडिल ईस्ट का सबसे ऊंचा ब्रिज था. हवाई हमले में न केवल ब्रिज का नष्ट होना, बल्कि इसके आसपास के क्षेत्रों में गंभीर नुकसान भी हुआ है.
B-1 ब्रिज की महत्वता और हमले का असर
B-1 ब्रिज का निर्माण उत्तर-ईरान के कारज में चल रहा था, और इसके निर्माण में करीब 37 हजार करोड़ रुपये का खर्च आया था. यह ब्रिज 1,050 मीटर लंबा था और इसके आठ ब्लॉकों में से एक ब्लॉक 176 मीटर लंबा और 136 मीटर ऊंचा था. इस हमले के बाद कई क्षेत्रों में बिजली संकट पैदा हो गया है और इलाकों में अंधेरा छा गया है, जिससे स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है.
ईरानी न्यूज चैनल प्रेस टीवी ने इस हमले की जानकारी देते हुए बताया कि हमले में B-1 ब्रिज के निर्माण में लगी शक्तिशाली संरचनाओं को नुकसान पहुंचा है. इसके परिणामस्वरूप इलाके में बिजली की आपूर्ति प्रभावित हुई है, और कई स्थानों पर अंधेरा हो गया है. ये हमला न केवल ईरान के लिए एक सैन्य झटका है, बल्कि आर्थिक रूप से भी देश को नुकसान हुआ है.
हिज़्बुल्लाह का इजराइल पर बड़ा हमला
दूसरी ओर, हिज़्बुल्लाह ने इजराइल पर एक और बड़ा हमला किया है. गुरुवार सुबह, हिज़्बुल्लाह ने उत्तर इजराइल में लगभग 80 रॉकेट दागे, जिससे इजराइल में खलबली मच गई. इस हमले में दो लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं. इसके बाद इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पिछले एक दिन में लेबनान में हिज़्बुल्लाह के दर्जनों ठिकानों पर हमले किए.
हिज़्बुल्लाह के लड़ाकों को भारी नुकसान
IDF का दावा है कि उसकी जवाबी कार्रवाई में हिज़्बुल्लाह के 40 से ज्यादा लड़ाके मारे गए हैं. इसके अलावा, लेबनान में हिज़्बुल्लाह के दर्जनों ठिकानों को नष्ट किया गया है. यह हमला उस वक्त हुआ जब इजराइली लोग 'पासओवर' त्योहार का पहला दिन मना रहे थे, और इजराइल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. इस हमले के कारण इजराइल में कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी.
The US-Israeli enemy targeted Iran’s B1 Bridge — a major engineering achievement and key infrastructure project in Alborz province. The bridge, which was nearing completion, sustained damage in the attack, and power outages were reported in several areas. pic.twitter.com/Y8B6Rc9q3W
— Press TV 🔻 (@PressTV) April 2, 2026
अंतरराष्ट्रीय तनाव और तनावपूर्ण स्थिति
इजराइल और लेबनान के बीच बढ़ते संघर्ष और ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले से मध्य-पूर्व में स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई है. इस समय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक समीकरण बदल रहे हैं, और इससे वैश्विक सुरक्षा पर भी असर पड़ने की संभावना है. ये घटनाएं यह भी दर्शाती हैं कि मध्य-पूर्व में सुरक्षा के मुद्दे पर लगातार संघर्ष और टकराव हो रहा है, जो भविष्य में और जटिल हो सकता है.
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