America-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव अब पहले से कहीं अधिक खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है. लगातार हो रहे हवाई हमले, ड्रोन अटैक, समुद्री मार्गों पर बढ़ता तनाव और दोनों देशों के सख्त तेवर इस संघर्ष को लंबा खींचने के संकेत दे रहे हैं. अमेरिकी सेना ने लगातार नौवीं रात ईरान के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जबकि ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. इस बीच ओमान के तट पर एक कमर्शियल जहाज में लगी भीषण आग ने पूरे क्षेत्र में नई चिंताएं पैदा कर दी हैं. हालात ऐसे हैं कि मध्य पूर्व में किसी भी समय तनाव और अधिक गंभीर रूप ले सकता है.
लगातार नौवीं रात अमेरिका ने किए बड़े हवाई हमले
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोमवार को जानकारी साझा करते हुए बताया कि अमेरिकी सेना ने लगातार नौवीं रात ईरान से जुड़े सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की है. सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा गया कि इन अभियानों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना और उसके रणनीतिक ढांचे को नुकसान पहुंचाना है. अमेरिकी सेना ने इन हमलों में लड़ाकू विमानों और मिसाइलों का इस्तेमाल किया. अधिकारियों के मुताबिक अभियान पूरी तरह योजनाबद्ध था और इसका मकसद ईरान की उन क्षमताओं को खत्म करना है, जिन्हें अमेरिका क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानता है.
ट्रंप बोले- ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इन सैन्य अभियानों का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है. उन्होंने दोहराया कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु शक्ति बनने नहीं देगा. ट्रंप का कहना है कि ईरान की गतिविधियां केवल क्षेत्रीय स्थिरता ही नहीं बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी चुनौती हैं. इसी कारण अमेरिकी सेना लगातार कार्रवाई कर रही है ताकि भविष्य में किसी बड़े खतरे को रोका जा सके.
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर अमेरिका की बड़ी चिंता
अमेरिका का आरोप है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों को निशाना बना रहा है. यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में गिना जाता है और यहां किसी भी प्रकार की अस्थिरता का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है. अमेरिका का मानना है कि इस रणनीतिक समुद्री क्षेत्र में ईरान की सैन्य गतिविधियों को सीमित करना जरूरी है. इसी वजह से वह लगातार ईरानी सैन्य ढांचे पर दबाव बनाए हुए है.
ईरान का पलटवार, अमेरिकी सैनिक की मौत
अमेरिकी हमलों के बीच ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है. रिपोर्टों के अनुसार उत्तरी इराक में एक अमेरिकी सैनिक की मौत हुई है. बताया गया कि ईरान की ओर से किए गए ड्रोन हमले में गिराया गया विस्फोटक शुरुआती समय में नहीं फटा था. जब अमेरिकी जवान उसे निष्क्रिय करने पहुंचा तो अचानक विस्फोट हो गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. बताया जा रहा है कि 28 फरवरी से शुरू हुए इस सैन्य संघर्ष में अब तक 17 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है.
ओमान के तट पर कमर्शियल जहाज में लगी भीषण आग
इसी बीच ब्रिटिश नौसेना ने एक और चिंताजनक जानकारी साझा की है. उसके मुताबिक ओमान के तट के पास एक कमर्शियल जहाज में भीषण आग लग गई. फिलहाल आग लगने की असली वजह सामने नहीं आई है, लेकिन इसे मौजूदा सैन्य तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि अभी तक किसी भी पक्ष ने इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र में लगातार हो रही सैन्य गतिविधियों के कारण समुद्री सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है.
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