शटडाउन से बिगड़ेगी US की सेहत! अमेरिका में क्यों छाया सैलरी संकट, अब ढीले पड़ेंगे ट्रंप के तेवर?

Shutdown in America: अमेरिका इस वक्त एक बड़े आर्थिक और राजनीतिक संकट का सामना कर रहा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ नीतियों और बजट विवाद के कारण अमेरिकी सरकार शटडाउन की कगार पर है.

US government shutdown Know the impact and details
Image Source: Internet

Shutdown in America: अमेरिका इस वक्त एक बड़े आर्थिक और राजनीतिक संकट का सामना कर रहा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ नीतियों और बजट विवाद के कारण अमेरिकी सरकार शटडाउन की कगार पर है. रिपब्लिकन और डेमोक्रेट सांसदों के बीच बजट पर सहमति न बनने से अक्टूबर से सरकारी कामकाज ठप हो चुका है. इस गतिरोध के कारण न केवल सरकारी कर्मचारी बिना वेतन के घर बैठे हैं, बल्कि देश के कई अहम सेक्टर भी प्रभावित हुए हैं.

शटडाउन क्या है और क्यों होता है?

सरकारी खर्च के लिए सालाना फंडिंग बिल का पास होना जरूरी होता है. जब अमेरिकी संसद इसे मंजूर नहीं कर पाती, तो सरकारी खर्च रुक जाते हैं और कामकाज बंद हो जाता है. इसे शटडाउन कहते हैं. इस दौरान कई सरकारी सेवाएं प्रभावित होती हैं, जिससे देशव्यापी अराजकता की स्थिति बन सकती है.

शटडाउन के पीछे बजट विवाद की जड़

इस बार शटडाउन का मुख्य कारण हेल्थकेयर सब्सिडी और मेडिकेड फंडिंग को लेकर राजनीतिक टकराव है. रिपब्लिकन पार्टी मेडिकेड में कटौती की मांग कर रही है, जबकि डेमोक्रेट्स इसके विस्तार की मांग कर रहे हैं. दोनों पक्षों के बीच सहमति न बनने के कारण फंडिंग बिल पास नहीं हो पाया, जिससे सरकार ठप हो गई.

शटडाउन से सरकारी कर्मचारियों पर गहरा असर

करीब 40 प्रतिशत सरकारी कर्मचारी बिना वेतन छुट्टी पर भेजे जा चुके हैं. सुरक्षा, सीमा, अस्पताल, और एयर ट्रैफिक कंट्रोल जैसे जरूरी विभागों के कर्मचारी काम करते रहेंगे, लेकिन वेतन का भुगतान शटडाउन खत्म होने तक रुका रहेगा. पिछले शटडाउन में कई कर्मचारियों को दूसरी अस्थायी नौकरियां करनी पड़ी थीं.

शटडाउन के प्रभाव में महत्वपूर्ण सेक्टर

रक्षा और स्वास्थ्य विभाग: लाखों कर्मचारी फर्लो पर, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं.

हवाई यात्रा: एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच और एयर ट्रैफिक कंट्रोल में दिक्कतें, यात्रियों को लंबी कतारों और देरी का सामना करना पड़ सकता है.

राष्ट्रीय उद्यान और संग्रहालय: स्टाफ की कमी के कारण सुरक्षा कमजोर, जिससे तोड़फोड़ और गंदगी की घटनाएं बढ़ सकती हैं.

वैज्ञानिक अनुसंधान: महत्वपूर्ण शोध संस्थानों में कर्मचारियों की छुट्टियां, जिससे अनुसंधान कार्य ठप हो सकते हैं.

डाक सेवा: सरकारी डाक सेवा इस संकट से अप्रभावित रहेगी और सामान्य रूप से चलेगी.

क्या वैश्विक बाजारों पर होगा इसका असर?

विशेषज्ञों के अनुसार, इस शटडाउन का अमेरिकी अर्थव्यवस्था और वैश्विक बाजारों पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा. डॉलर में कमजोरी आ सकती है, जिससे भारत जैसे उभरते बाजारों को निवेश का मौका मिलेगा. इस संकट को कुछ निवेशक अवसर के रूप में भी देख रहे हैं.

ये भी पढ़ें: भारत और चीन के बीच फिर शुरू होंगी डायरेक्ट फ्लाइट, 5 साल से बंद थी सर्विस, पिघल रही रिश्तों में जमी बर्फ?