नई दिल्ली: कई सालों के बाद भारत और चीन के बीच हवाई कनेक्टिविटी फिर से बहाल होने जा रही है. दोनों देशों के नागरिक उड्डयन प्राधिकरणों ने इस महीने के अंत तक डायरेक्ट फ्लाइट्स शुरू करने पर सहमति जताई है. यह कदम दोनों देशों के बीच बढ़ती कूटनीतिक गर्मजोशी और धीरे-धीरे सामान्य होते रिश्तों का नतीजा है.
डायरेक्ट फ्लाइट्स कब और कैसे शुरू होंगी?
विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, भारत और चीन की एयरलाइंस अक्टूबर 2025 के अंत तक अपनी सीधी उड़ान सेवाएं शुरू कर सकती हैं. यह फ्लाइट्स शीतकालीन मौसम की समय-सारिणी के अनुसार संचालित होंगी. हालांकि, व्यावसायिक निर्णय और परिचालन मानदंडों को पूरा करना आवश्यक होगा. दोनों देशों के बीच यह सेवा नागरिकों के आवागमन को सरल और तेज बनाएगी.
विदेश मंत्रालय की भूमिका
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस समझौते से दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ेगा और द्विपक्षीय रिश्ते धीरे-धीरे सामान्य होंगे. यह पहल भारत सरकार की नीति का हिस्सा है, जिसमें क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोग को प्राथमिकता दी जा रही है.
मोदी-शी जिनपिंग की अहम बैठक
पिछले महीने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में तियानजिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने बीच सकारात्मक बातचीत की. दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय जुड़ाव, विश्वास निर्माण और बातचीत को अहम बताया. यह बैठक दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुई.
सीमा विवाद में कमी की उम्मीद
दोनों देशों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गश्त के नियमों पर सहमति जताई है, जिससे चार साल पुराने सीमा विवाद में कमी आ सकती है. विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए पिछले साल हुए समझौतों को सराहा और भविष्य में भी सीमा मुद्दों के समाधान के लिए प्रतिबद्धता जताई.
राजनीतिक वार्ताओं से लेकर सांस्कृतिक कनेक्शन तक
सितंबर में चीनी विदेश मंत्री वांग यी के भारत दौरे और विशेष प्रतिनिधि वार्ता से भी रिश्तों में सुधार हुआ है. इसके अलावा, लंबे समय से रुकी कैलाश-मानसरोवर यात्रा को 2025 की गर्मियों में बहाल करने का निर्णय भी दोनों देशों के बढ़ते सामंजस्य को दर्शाता है.
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