Pakistan Afghanistan War: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर जारी तनाव दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है. दोनों देशों के बीच भारी लड़ाई ने सीमा इलाकों में तबाही मचा दी है और हालात बेहद नाजुक हो गए हैं. अफगान लड़ाकों ने पाकिस्तानी सेना के कई जवानों को मार गिराने और दर्जन भर से अधिक चौकियों पर कब्जा करने का दावा किया है, वहीं पाकिस्तान ने भी भारी तबाही के अपने दावे किए हैं.
इस बढ़ते विवाद के बीच पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से लगी अपनी सीमाएं पूरी तरह बंद करने का फैसला किया है. इस कड़वी जंग के बीच अब दोनों देशों के बीच जो कुछ हो रहा है, उसकी पूरी कहानी जानना जरूरी है. आइए, आपको बताते हैं पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा विवाद से जुड़ी अब तक की मुख्य बातें और इसके पीछे छुपे राज…
बगराम एयरबेस विवाद और बढ़ते तनाव की जड़ें
अफगानिस्तान के हिज्ब-ए-इस्लामी के नेता गुलबुद्दीन हिकमतयार का मानना है कि अमेरिका की मंशा से पाकिस्तान ने अपने हमले तेज किए हैं. अफगानिस्तान ने बगराम एयरबेस अमेरिका को देने से साफ इंकार कर दिया है, जो पाकिस्तान के लिए गले की हड्डी बन गया है. हिकमतयार ने चेतावनी दी है कि इस मामले पर जंग और गहराने का खतरा बना हुआ है.
अफगान शरणार्थियों पर पाकिस्तान का सख्त रुख
पाकिस्तान पंजाब में रह रहे अफगान शरणार्थियों को जबरदस्ती खदेड़ रहा है. अप्रैल 2025 से अब तक 42,000 से अधिक अफगानों को वापस भेजा जा चुका है और हाल ही में 123 अफगानियों को कैद करके प्रत्यर्पण केंद्रों में भेजा गया है. यह कार्रवाई और प्रांतों में फैलने की खबरें क्षेत्रीय अस्थिरता की तस्वीर बयां करती हैं.
अफगान नागरिकों में बढ़ती नाराजगी और गुस्सा
सीमा पर हुई झड़पों के बाद अफगानिस्तान के नागरिकों में गुस्सा और देशभक्ति की भावना मजबूत हुई है. कंधार से काबुल तक लोग पाकिस्तानी सेना के खिलाफ लड़ने को तैयार नजर आ रहे हैं. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान की हरकतों की कड़ी निंदा और जांच की मांग की है.
पाकिस्तान का सीमा चौकियों पर कब्जा करने का दावा
पाकिस्तानी सेना ने कुछ इलाकों में अफगान चौकियों को निशाना बनाया और दावा किया कि 10 से ज्यादा चौकियों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है. दोनों पक्ष हताहतों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट दे रहे हैं, जो इस संघर्ष की गंभीरता को दर्शाती हैं.
शरणार्थियों के लिए बढ़ता मानवीय संकट
संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठन पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों के जबरदस्ती प्रत्यर्पण को लेकर चिंतित हैं. सीमा पर जारी युद्ध जैसी स्थिति में उनकी सुरक्षित और स्वैच्छिक वापसी एक बड़ा मानवीय मुद्दा बन सकता है.
बंद हुई पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा और फंसे लोग
पाकिस्तान ने पूरी सीमा बंद कर दी है, जिससे कई लोग बलूचिस्तान और अन्य इलाकों में अपने घर लौटने के लिए फंसे हुए हैं. ट्रकों और यात्रियों की लंबी कतारें बनी हुई हैं, जो इस जंग का एक गंभीर सामाजिक प्रभाव है.
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