लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव (2027) से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार किसानों को राहत देने के कदम उठा रहे हैं. हाल ही में उन्होंने गन्ना किसानों के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. योगी सरकार ने गन्ना क्रय केंद्रों पर किसानों से लोडिंग और अनलोडिंग शुल्क लेने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. यह कदम किसानों को लेकर सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है और प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए एक बड़ी राहत है.
गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर कार्रवाई
प्रदेश के कई हिस्सों में गन्ना पेराई सत्र 2025-26 का कार्य शुरू हो चुका है. इस दौरान विभाग को चीनी मिल गेट और गन्ना क्रय केंद्रों पर किसानों से लोडिंग और अनलोडिंग शुल्क लेने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं. इससे परेशान किसानों के हित में, गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. ने तुरंत सख्त कदम उठाए हैं. उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में किसानों से शुल्क न लिया जाए और अगर कोई ऐसा करता हुआ पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी.
गन्ना क्रय केंद्रों पर हुई सख्ती
गन्ना आयुक्त ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी गन्ना क्रय केंद्रों पर किसानों से लोडिंग और अनलोडिंग शुल्क वसूलने पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाए. इसके अलावा, विभागीय अधिकारियों को यह निर्देश भी दिया गया है कि वे गन्ना सेंटरों का औचक निरीक्षण करें. अगर निरीक्षण के दौरान कोई शिकायत मिलती है तो संबंधित कर्मचारियों और ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ उत्तर प्रदेश गन्ना (पूर्ति और खरीद विनियमन) नियमावली के तहत कार्रवाई की जाएगी.
दोषी पाए गए तो होगी कार्रवाई
गन्ना आयुक्त ने यह भी कहा कि अगर किसानों से शुल्क वसूली की शिकायत सही पाई जाती है, तो दोषी तौल लिपिकों, चीनी मिलों और अनुबंधित ट्रांसपोर्टरों का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा. साथ ही, उन्होंने गन्ना डायवर्जन पर भी अंकुश लगाने की बात कही है, ताकि गन्ने की आवक पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े.
योगी सरकार का गन्ना क्षेत्र में सुधार
योगी आदित्यनाथ की सरकार ने गन्ना किसानों के लिए पिछले आठ सालों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. सरकार ने इस दौरान 4 नई चीनी मिलों की स्थापना की है और 6 बंद मिलों को फिर से शुरू किया है. इसके साथ ही, 42 मिलों की उत्पादन क्षमता में भी विस्तार किया गया है. इन कदमों के कारण प्रदेश में गन्ने के उत्पादन की क्षमता में 8 नई बड़ी मिलों के बराबर वृद्धि हुई है. इसके अलावा, दो मिलों में सीबीजी संयंत्र (कॉम्प्रेस्ड बायो गैस) स्थापित किए गए हैं, जो गन्ना क्षेत्र में वैकल्पिक ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा दे रहे हैं.
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