Modi Cabinet Decision: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में किसानों और देश के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए. सरकार ने खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही कोयला गैसीकरण और नई रेल परियोजनाओं को भी हरी झंडी दी गई है.
खरीफ फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी
सरकार ने विपणन सत्र 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों के एमएसपी में इजाफा किया है. इसका मकसद किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम दिलाना है. इस बार सबसे ज्यादा बढ़ोतरी सूरजमुखी के बीज के एमएसपी में की गई है.
इसमें 622 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है. इसके बाद कपास के एमएसपी में 557 रुपये, नाइजरसीड में 515 रुपये और तिल में 500 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है. सरकार का कहना है कि इससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी और उन्हें फसल का सही मूल्य मिल सकेगा.
#WATCH | Delhi: Union Minister Ashwini Vaishnaw says - Union Cabinet approves increase in Minimum Support Prices (MSP) for 14 Kharif Crops for Marketing Season 2026-27.
— ANI (@ANI) May 13, 2026
Highest absolute increase in MSP recommended for Sunflower Seed (Rs 622 per quintal), followed by Cotton (Rs… pic.twitter.com/UsnSH20nQU
कोयला गैसीकरण परियोजना को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में 37,500 करोड़ रुपये की कोयला गैसीकरण परियोजना को भी मंजूरी दी गई है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत के पास अगले 200 सालों की जरूरतों के लिए पर्याप्त कोयला भंडार मौजूद है.
सरकार अब कोयले से गैस बनाने की दिशा में तेजी से काम करेगी. इस गैस का इस्तेमाल उर्वरक, बिजली और कई तरह के रसायन बनाने में किया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे देश ऊर्जा के मामले में ज्यादा आत्मनिर्भर बनेगा और गैस आयात पर निर्भरता कम होगी.
अहमदाबाद-धोलेरा रेल परियोजना को भी हरी झंडी
कैबिनेट ने रेल मंत्रालय की अहमदाबाद (सरखेज) से धोलेरा तक अर्ध-उच्च गति दोहरी रेल लाइन परियोजना को भी मंजूरी दे दी है. इस परियोजना की लागत करीब 20,667 करोड़ रुपये बताई गई है.
यह भारत की पहली स्वदेशी तकनीक से बनने वाली सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना होगी. इस परियोजना से अहमदाबाद, धोलेरा एसआईआर, धोलेरा एयरपोर्ट और लोथल राष्ट्रीय समुद्री धरोहर परिसर के बीच बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी. सरकार के अनुसार इससे यात्रा का समय कम होगा और लोगों के लिए एक ही दिन में आना-जाना आसान हो सकेगा.
सरकार का फोकस किसानों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर
केंद्र सरकार के इन फैसलों से साफ है कि वह एक तरफ किसानों की आय बढ़ाने पर ध्यान दे रही है, वहीं दूसरी तरफ बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा प्रोजेक्ट्स के जरिए देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम कर रही है.
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