UP: "आंसुओं की हर बूंद का हिसाब लिया जाएगा", हरिओम वाल्मीकि हत्या मामले में सीएम योगी सख्त

Hariom Balmiki murder case: रायबरेली में दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की पीट-पीटकर हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया. एक अफवाह की आग में झुलस गई एक ज़िंदगी, और उसके पीछे रह गया एक टूटता हुआ परिवार, जिसकी आंखों में सिर्फ एक ही उम्मीद थी, न्याय.

UP Every drop of tear will be accounted for CM Yogi strict in Hariom Valmiki murder case
Image Source: ANI/ File

Hariom Balmiki murder case: रायबरेली में दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की पीट-पीटकर हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया. एक अफवाह की आग में झुलस गई एक ज़िंदगी, और उसके पीछे रह गया एक टूटता हुआ परिवार, जिसकी आंखों में सिर्फ एक ही उम्मीद थी, न्याय.

शनिवार को जब मृतक की पत्नी संगीता बाल्मीकि अपनी मासूम बेटी और पिता के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मिलने पहुंचीं, तो उनके चेहरे पर दर्द से ज़्यादा उम्मीद थी. उम्मीद कि शायद उनकी आवाज़, इस बार सिर्फ सुनी ही नहीं, बल्कि सुनी भी जाएगी.

"हर बूंद का लिया जाएगा हिसाब"

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संगीता से मुलाकात के दौरान न सिर्फ परिवार को सांत्वना दी, बल्कि न्याय, सुरक्षा और पुनर्वास का पूरा भरोसा भी दिलाया. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "पीड़ित परिवार के आंसुओं की हर बूंद का हिसाब लिया जाएगा. अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोर कार्रवाई होगी."

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि घटना के 24 घंटे के भीतर ही सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं और सरकार न्यायालय में प्रभावी पैरवी कर आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलवाएगी.

आवास, नौकरी और सरकारी योजनाओं से समर्थन

हरिओम वाल्मीकि के परिवार को सरकार की ओर से पुनर्वास के प्रयास भी किए जाएंगे. मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि परिवार को मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकान दिया जाएगा. संगीता बाल्मीकि को स्थायी सरकारी नौकरी दी जाएगी. परिवार को सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर मिलेगा.

"बाबा ही हैं जो दलितों की रक्षा कर सकते हैं"

मुख्यमंत्री से मिलकर लौटने के बाद, संगीता बाल्मीकि ने नम आंखों से कहा, "बाबा ही हैं जो दलितों की रक्षा कर सकते हैं. हम सरकार और पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट हैं. हमें विश्वास है कि हमें न्याय मिलेगा." उनकी इस प्रतिक्रिया में एक टूटे हुए परिवार की पीड़ा, लेकिन साथ ही एक नेता पर भरोसे की गूंज भी साफ सुनाई देती है.

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