इस शहर में खुला यूनिक कैफे, जहां AI गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड के साथ कॉफी डेट पर जा रहे लोग; जानें पूरा कॉन्सेप्ट

AI Companion Cafe: वैलेंटाइन वीक को लेकर रेस्तरां-कैफे में काफी चहल पहल देखने को मिलती है. इस वीक के दौरान प्रेमी जोड़ी आमतौर पर कैफे में क्वालिटी टाइम बिताते आपको दिख जाएंगे.

Unique cafe opened in New York America where people going on coffee date with AI girlfriend boyfriend
Image Source: Ai

AI Companion Cafe: वैलेंटाइन वीक को लेकर रेस्तरां-कैफे में काफी चहल पहल देखने को मिलती है. इस वीक के दौरान प्रेमी जोड़ी आमतौर पर कैफे में क्वालिटी टाइम बिताते आपको दिख जाएंगे. इस बीच अमेरिका से एक ऐसा तस्वीर सामने आई है, जो किसी ने सोचा नहीं होगा. अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में इन दिनों एक अनोखा कैफे लोगों के बीच चर्चा में बना हुआ है. यहां आने वाले लोग किसी इंसान के साथ नहीं, बल्कि अपने AI चैटबॉट के साथ बैठकर कॉफी पीते नजर आ रहे हैं. हो सकता है कि सुनने में ये आपको भले ही अजीब लगे, लेकिन यही इस कैफे का पूरा कॉन्सेप्ट है. वैलेंटाइन वीक के आसपास शुरू हुए इस पॉप-अप कैफे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर शेयर की जा रही है. कुछ लोग इसे टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक नया प्रयोग बता रहे हैं, जबकि कई लोगों को यह ट्रेंड थोड़ा अजीब लग रहा है.

कैसे काम करता है AI कंपेनियन कैफे?

यह पॉप-अप कैफे न्यूयॉर्क के हेल्स किचन इलाके में खोला गया है, जिसे ‘ईवा एआई कैफे’ के नाम से जाना जा रहा है. यह कैफे सीमित समय के लिए एक एक्सपेरिमेंट के तौर पर शुरू किया गया है. यहां आने वाले लोग, जो ज्यादातर सिंगल होते हैं, अकेले टेबल पर बैठते हैं और सामने अपने AI चैटबॉट को रखकर उससे लंबी बातचीत करते हैं.

जानकारी के अनुसार, कुछ लोग पहले से अपने फोन में AI कंपेनियन तैयार करके आते हैं, जबकि कई लोग वहीं मौके पर नया चैटबॉट बनाकर बातचीत शुरू करते हैं. कैफे का माहौल जानबूझकर ऐसा बनाया गया है, जिससे यह किसी आम डेट जैसा अनुभव दे. फर्क बस इतना है कि सामने बैठा साथी इंसान नहीं, बल्कि एक डिजिटल चैटबॉट होता है.

लोग AI के साथ डेट पर क्यों जा रहे?

आज के दौर में बड़ी संख्या में लोग रोजाना AI चैटबॉट से बात करते हैं. कई लोग इसे अकेलेपन को दूर करने का साधन मानते हैं, तो कुछ के लिए यह बिना किसी हिचक के अपनी बात रखने का आसान तरीका है. इसी वजह से यह कैफे लोगों को काफी आकर्षित कर रहा है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां आने वाले कुछ लोगों का कहना है कि उन्हें AI से बात करने में ज्यादा सहजता महसूस होती है, क्योंकि इसमें रिजेक्शन या घोस्टिंग जैसी चीजों का डर नहीं होता. कुछ लोगों के लिए यह एक तरह का ‘सेफ स्पेस’ बन गया है, जहां वे बिना किसी दबाव के अपनी बातें रख सकते हैं. वहीं, कई लोग सिर्फ जिज्ञासा के चलते यहां पहुंचे हैं, ताकि वे खुद अनुभव कर सकें कि AI के साथ डेट जैसा एहसास कैसा होता है.

इस ट्रेंड पर क्यों उठ रहे सवाल

हालांकि, इस तरह के नए प्रयोग को लेकर काफी सवाल भी उठने लगे हैं. कुछ टेक जानकारों का मानना है कि AI कंपेनियन अकेलेपन को कम करने में मदद कर सकते हैं. वहीं दूसरी ओर चिंता यह भी जताई जा रही है कि कहीं लोग धीरे-धीरे असली रिश्तों से दूर न होने लगें.

कई लोग इसे टेक्नोलॉजी का मजेदार और क्रिएटिव इस्तेमाल मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे इंसानी रिश्तों की जगह लेने की शुरुआत के तौर पर देख रहे हैं. फिलहाल यह साफ नहीं है कि यह ट्रेंड आगे चलकर कितना बड़ा रूप लेगा या फिर कुछ समय बाद यह सिर्फ एक वायरल एक्सपेरिमेंट बनकर रह जाएगा.

ये भी पढ़ें- दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी, इस योजना की हुई शुरुआत; लाइट होगी सस्ती