नई दिल्ली: आधार कार्ड से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने 2 करोड़ से ज्यादा मृतक व्यक्तियों के आधार नंबरों को डिएक्टिवेट कर दिया है. यह कदम उन आधार नंबरों की पहचान करने के बाद उठाया गया है जो अब इस दुनिया में नहीं रहे. सरकार के विभिन्न विभागों से मिली जानकारी के आधार पर UIDAI ने यह कार्रवाई की है, ताकि गलत पहचान और धोखाधड़ी को रोका जा सके.
मृतकों के आधार नंबरों का डिएक्टिवेशन क्यों जरूरी है?
UIDAI ने यह कदम आधार डेटाबेस को हमेशा अपडेट रखने और किसी भी तरह के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया है. जब एक व्यक्ति का निधन हो जाता है, तो उसका आधार नंबर निष्क्रिय करना बेहद जरूरी हो जाता है. इसका मुख्य कारण यह है कि मृतक के आधार कार्ड का दुरुपयोग न हो और किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उस आधार नंबर का इस्तेमाल करके सरकारी योजनाओं का लाभ न उठाया जा सके. UIDAI का यह कदम यह सुनिश्चित करता है कि सरकारी योजनाओं का फायदा केवल वही लोग उठा सकें, जो इसके असल हकदार हों.
परिवार के सदस्य भी मृतक की दे सकते हैं जानकारी
अब मृतक के परिवार के सदस्य भी MyAadhaar पोर्टल पर अपने किसी प्रियजन की मृत्यु की सूचना दे सकते हैं. इससे आधार डेटाबेस को तुरंत अपडेट किया जा सकेगा. इस नई सुविधा से परिवार के सदस्य मृत्यु के तुरंत बाद आधार अपडेट कर सकते हैं, जो आधार प्रणाली को और अधिक सुरक्षित और सटीक बनाएगा. यह कदम आधार प्रणाली की विश्वसनीयता को बढ़ाएगा और गलत पहचान से होने वाली धोखाधड़ी को कम करेगा.
मृतक के आधार अपडेट का सरल तरीका
UIDAI ने इस साल की शुरुआत में एक नई सुविधा शुरू की है, जिससे मृतक आधार कार्ड धारक की सूचना परिवार के सदस्य सीधे MyAadhaar पोर्टल के जरिए दे सकते हैं. यह सुविधा 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पहले ही उपलब्ध है, जहां सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है. अब परिवार के सदस्य आसानी से मृतक के आधार को निष्क्रिय कर सकते हैं, जिससे सरकार को सही डेटा प्राप्त होता है और आधार प्रणाली को अपडेट किया जाता है.
अभी और भी राज्यों में लागू होगा यह सिस्टम
जहां कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह सुविधा पहले ही शुरू हो चुकी है, वहीं बाकी राज्यों के लिए यह प्रक्रिया जारी है. UIDAI इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ इंटीग्रेशन पर काम कर रहा है, ताकि हर किसी को यह सुविधा मिल सके और मृतकों के आधार कार्ड को सही समय पर डिएक्टिवेट किया जा सके. UIDAI का यह कदम आधार प्रणाली को और अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक अहम कदम है. यह सुनिश्चित करेगा कि आधार कार्ड की जानकारी हमेशा सही व्यक्ति से जुड़ी रहे. मृतक के आधार कार्ड को निष्क्रिय करने से न केवल धोखाधड़ी को रोका जा सकेगा, बल्कि यह सरकारी योजनाओं के सही लाभार्थियों तक पहुंचने में मदद करेगा.
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