दक्षिणी चीन सागर में अमेरिका का गुरुर हुआ चकनाचूर, भड़के ड्रैग्न ने कह दी ऐसी बात, जो ट्रंप को चुभेगी

दक्षिण चीन सागर एक बार फिर भू-राजनीतिक तनाव का केंद्र बन गया है. अमेरिका के दो सैन्य विमान एक F-18 सुपर हॉर्नेट और एक MH-60R सी-हॉक हेलीकॉप्टर एक ही दिन आधे घंटे के भीतर दुर्घटनाग्रस्त हो गए.

Two US aircraft crash in South China Sea Xi Jinping govt reacts sharply
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US Aircraft Crash in South China Sea: दक्षिण चीन सागर एक बार फिर भू-राजनीतिक तनाव का केंद्र बन गया है. अमेरिका के दो सैन्य विमान एक F-18 सुपर हॉर्नेट और एक MH-60R सी-हॉक हेलीकॉप्टर एक ही दिन आधे घंटे के भीतर दुर्घटनाग्रस्त हो गए. दोनों हादसे अमेरिकी न्यूक्लियर एयरक्राफ्ट कैरियर USS निमित्ज़ पर तैनात विमानों के साथ हुए, जिससे अमेरिकी नौसेना में हड़कंप मच गया है. जबकि अमेरिका ने जांच शुरू कर दी है, चीन ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह क्षेत्र की “समुद्री शांति के लिए खतरा” है.

आधे घंटे में दो एयरक्राफ्ट क्रैश

अमेरिकी पैसिफिक फ्लीट के मुताबिक, रविवार (26 अक्टूबर 2025) को दोपहर करीब 2:45 बजे USS निमित्ज़ पर तैनात MH-60R सी-हॉक हेलीकॉप्टर रूटीन ऑपरेशन के दौरान दक्षिण चीन सागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हेलीकॉप्टर पर मौजूद तीनों पायलट और क्रू-मेंबर को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बचा लिया. लेकिन इससे पहले कि राहत की सांस ली जाती, सिर्फ 30 मिनट बाद यानी 3:15 बजे उसी कैरियर पर तैनात एक F-18 सुपर हॉर्नेट फाइटर जेट भी ऑपरेशन के दौरान क्रैश हो गया. सौभाग्य से, इस विमान के दोनों पायलट भी सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए.

रूटीन मिशन में हुआ हादसा

USS निमित्ज़ अमेरिकी नौसेना का एक अत्याधुनिक न्यूक्लियर-पावर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर है, जिस पर कई दर्जन फाइटर जेट्स और हेलीकॉप्टर एक साथ ऑपरेट किए जा सकते हैं. यह इस समय इंडो-पैसिफिक कमांड के तहत सक्रिय क्षेत्र में तैनात है. पैसिफिक फ्लीट ने बताया कि दोनों घटनाएं नियमित मिशन के दौरान हुईं और इनके पीछे तकनीकी कारणों की जांच शुरू कर दी गई है. अमेरिकी नेवी के लिए यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि एक ही दिन में एक ही जहाज से दो विमानों का क्रैश होना बेहद दुर्लभ माना जाता है.

चीन ने अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी

दक्षिण चीन सागर को एशिया का सबसे संवेदनशील समुद्री इलाका माना जाता है. चीन इस पूरे क्षेत्र पर अपना अधिकार जताता है और अक्सर फिलीपींस, इंडोनेशिया व वियतनाम जैसे देशों की नौसेनाओं को यहां दखल देने से रोकता है. वहीं, अमेरिका और उसके सहयोगी देश “फ्रीडम ऑफ नेविगेशन” की नीति के तहत इस समुद्र में गश्त और युद्धाभ्यास करते रहते हैं. अमेरिकी विमानों के क्रैश पर चीन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उसके विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा कि “अमेरिकी युद्धपोत और विमान हमारी सीमाओं के पास आकर अपनी ताकत दिखाने की कोशिश करते हैं, जो क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा है.”

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