ट्रंप का करेंगे समर्थन, नोबेल पीस प्राइज की घोषणा से पहले बोला रूस; क्या होगी अमेरिकी राष्ट्रपति की जीत?

रूस और यूक्रेन के बीच काफी समय से युद्ध जारी है. दोनों देशों को इसे अंत करने की सख्त जरूरत थी. हालांकि ट्रंप ने पहल करते हुए दोनों देशों के बीच मध्यस्ता करवाई. जिसपर दोनों देशों के ही नेताओं ने समहति जताई और बात शांति तक पहुंची.

Trump Nobel Prize russia will support america president
Image Source: Social Media

रूस और यूक्रेन के बीच काफी समय से युद्ध जारी है. दोनों देशों को इसे अंत करने की सख्त जरूरत थी. हालांकि ट्रंप ने पहल करते हुए दोनों देशों के बीच मध्यस्ता करवाई. जिसपर दोनों देशों के ही नेताओं ने समहति जताई और बात शांति तक पहुंची. ट्रंप का बार-बार इस बात का दोहराना कि सीजफायर करवाने में उनका हाथ है. 

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का ऐसा भी मानना है कि कई देशों के बीच जारी जंग या फिर युद्ध को खत्म करवाने में उनकी अहम भूमिका रही है. जिसके कारण उन्हें शांति नोबल पुरस्कार मिलना चाहिए. हालांकि आज इसपर फैसला होने वाला है कि आखिर ये पुरस्कार उन्हें दिया जाएगा या फिर नहीं. लेकिन नतीजों के बाद. उससे पहले रूस ने ट्रंप के समर्थन की बात कही है. 

ट्रंप का समर्थन करेगा रूस

जानकारी के अनुसार नोबेल पीस प्राइस के लिए रूस ट्रंप का समर्थन करने वाला है. इस संबंध में राष्ट्रपति पुतिन ने घोषणा करते हुए कहा कि  इस शांति पुरस्कार के लिए वह ट्रंप का समर्थन करेंगे. रूसी सरकारी एजेंसी TASS के मुताबिक क्रेमलिन के टॉप सलाहकार का कहना है कि युद्ध को खत्म करवाने में ट्रंप ने पहल की है, जो सराहनीय है और शांति  बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान मानी जा सकती है. 

पहली बार नहीं दिया गया नाम 

आपको बता दें कि ये पहली बार नहीं जब नोबल शांति पुरस्कार के लिए ट्रंप का नाम सामने आया हो. उनके पहले कार्यकाल के दौरान भी इस समझौते के प्रति पुरस्कार के लिए उन्हें नामंकित किया गया था. पिछले काफी समय से ट्रंप ऐसा दावा करते आ रहे हैं कि उन्होंने अपने इस कार्यकाल के छह से सात महीने के दौरान ही कई अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को शांत करवाने में अहम भूमिका निभाई है. इसमें उन्होंने भारत-पाकिस्तान का भी कई बार जिक्र किया है. ट्रंप का कहना है कि यदि भारत-पाकिस्ताने के बीच जारी युद्ध को अगर समाप्त नहीं किया जाता तो ये और भी विक्राल हो सकता था. साथ ही युद्धका रूप भी ले सकता था. 

ट्रंप की बातें अस्वीकार्य! 

ट्रंप ने अपनी ओर से सिर्फ दावा किया था. लेकिन भारत की ओर से इसे सिरे से खारिज किया गया है, और एक बार नहीं कई बार. भारत ने अपना रुख साफ और स्प्ष्ट शब्दों में आगे रखा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव करने में ट्रंप का कोई प्रत्यक्ष योगदान नहीं रहा है.

यह भी पढ़ें: ब्रिटेन में आपात स्थिति के बाद एयर इंडिया की फ्लाइट ग्राउंड, सभी यात्री सुरक्षित