दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका और चीन के बीच एक बार फिर बातचीत का दरवाज़ा खुला है. छह साल के अंतराल के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में आमने-सामने मिले. यह मुलाकात वैश्विक व्यापार, सुरक्षा और एशियाई स्थिरता के लिहाज़ से बेहद अहम मानी जा रही है.
ट्रंप और शी ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया, और इसी दौरान ट्रंप ने मुस्कुराते हुए कहा, "शी बहुत सख्त वार्ताकार हैं, जो हमेशा आसान नहीं होता." उन्होंने आगे कहा, "हम दोनों एक-दूसरे को लंबे समय से जानते हैं."
यह मुलाकात उस समय हो रही है जब अमेरिका और चीन के बीच कई वर्षों से चली आ रही ट्रेड वॉर (व्यापारिक तनाव) को कम करने की संभावना देखी जा रही है.
छह साल बाद आमने-सामने बातचीत
ट्रंप और शी जिनपिंग की यह बैठक छह साल बाद हो रही है. इससे पहले दोनों नेताओं ने 2019 में ओसाका (जापान) में जी-20 सम्मेलन के दौरान बातचीत की थी. तब से अमेरिका और चीन के रिश्ते कई बार तनावपूर्ण दौर से गुज़रे, खासकर टैरिफ़ (आयात शुल्क), टेक्नोलॉजी, और सुरक्षा के मुद्दों पर.
इस मुलाकात से पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, "मैं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा हूं. यह बैठक कुछ ही घंटों में होने जा रही है!"
यह उनके बीच चल रही दूसरी व्यापारिक जंग के बाद पहली बार प्रत्यक्ष आमना-सामना था.
कई बड़ी समस्याएँ हल होंगी- ट्रंप
बुसान के रास्ते में अपने विमान एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह मीटिंग “कई जटिल मुद्दों का समाधान” लाएगी.
उन्होंने बताया कि संभावित समझौते के तहत चीन से आने वाले सामान पर अमेरिका द्वारा लगाए गए 20% टैरिफ़ को घटाया जा सकता है. बदले में, बीजिंग से उम्मीद की जा रही है कि वह फेंटानिल जैसे खतरनाक सिंथेटिक ड्रग के उत्पादन और रासायनिक आपूर्ति पर सख्ती से रोक लगाएगा.
फेंटानिल अमेरिका में ओवरडोज़ से मौतों का बड़ा कारण बन चुका है और वॉशिंगटन लंबे समय से चीन पर इसके रॉ मटीरियल की आपूर्ति का आरोप लगाता रहा है.
हम हमेशा एक राय नहीं रखते- जिनपिंग
बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने ट्रंप की “शांति के प्रयासों” की खुलकर प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका की नीतियां अलग हो सकती हैं, लेकिन सहयोग की दिशा बरकरार रहनी चाहिए.
जिनपिंग ने कहा, "हमारी राष्ट्रीय परिस्थितियाँ अलग हैं, इसलिए हमेशा सहमत रहना संभव नहीं. लेकिन जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएँ सहयोग करती हैं, तो दुनिया स्थिर होती है."
उन्होंने आगे जोड़ा कि दोनों देशों को ‘चीन-अमेरिका संबंधों के विशाल जहाज को स्थिर गति से आगे बढ़ाना चाहिए.’
जिनपिंग ने ट्रंप के “Make America Great Again” अभियान की तारीफ करते हुए कहा कि चीन का विकास और अमेरिका की प्रगति एक-दूसरे के पूरक हैं. उन्होंने ट्रंप के हालिया मध्य-पूर्व युद्धविराम और दक्षिण-पूर्व एशिया के शांति समझौतों में निभाई भूमिका की भी सराहना की.
उन्होंने मज़ाकिया लहजे में जोड़ा, "शी बहुत सख्त हैं, लेकिन मुझे लगता है कि हम दोनों एक शानदार समझौते पर पहुँच सकते हैं."
इस बातचीत के लगभग तीन से चार घंटे तक चलने की संभावना जताई गई है.
संभावित व्यापार समझौते के मुख्य बिंदु
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इस बहुप्रतीक्षित डील में कई अहम विषय शामिल हो सकते हैं:
रणनीतिक मुद्दों पर गहराई से चर्चा होगी
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने बैठक की पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों देश दीर्घकालिक रणनीतिक और वैश्विक मुद्दों पर खुलकर बातचीत करेंगे.
हालांकि, उन्होंने संभावित व्यापार समझौते पर कोई विशेष टिप्पणी नहीं की. उन्होंने कहा, "दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों और विश्व स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे."
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