'48 घंटे में होर्मुज स्ट्रेट खोल दो, नहीं तो...', ट्रंप ने ईरान को दिया आखिरी अल्टीमेटम, क्या है प्लान?

वॉशिंगटन से सामने आई ताजा घटनाओं ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को और ज्यादा गंभीर बना दिया है.

Trump gave last ultimatum to Iran Open the Strait of Hormuz
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

Strait of Hormuz: वॉशिंगटन से सामने आई ताजा घटनाओं ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को और ज्यादा गंभीर बना दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधी चेतावनी देते हुए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. उनका कहना है कि अगर ईरान ने तय समय के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह और सुरक्षित तरीके से नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के महत्वपूर्ण पावर प्लांट्स को निशाना बनाएगा.

ट्रंप ने यह कड़ा संदेश अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर साझा किया. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संभावित सैन्य कार्रवाई की शुरुआत ईरान के सबसे बड़े ऊर्जा ढांचे से की जा सकती है. इस बयान से यह संकेत मिल रहा है कि अमेरिका अब सिर्फ चेतावनी तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वह ईरान के रणनीतिक ठिकानों पर सीधा दबाव बनाने की तैयारी में है.

होर्मुज जलडमरूमध्य बना टकराव का केंद्र

इस पूरे विवाद का सबसे अहम बिंदु होर्मुज जलडमरूमध्य बन चुका है. यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. अनुमान के अनुसार, दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से गुजरता है, यानी हर दिन करीब 20 मिलियन बैरल कच्चा तेल इस मार्ग से ट्रांसपोर्ट होता है.

हालांकि, मौजूदा संघर्ष के चलते यह मार्ग लगभग बाधित हो गया है. अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई के बाद ईरान ने इस जलडमरूमध्य पर नियंत्रण कड़ा कर दिया है और दुश्मन देशों के जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी है. इससे अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भारी अस्थिरता देखने को मिल रही है.

तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल

होर्मुज मार्ग बाधित होने का सीधा असर वैश्विक बाजार पर पड़ा है. कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ते हुए 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं. यह बढ़ोतरी न सिर्फ ऊर्जा क्षेत्र बल्कि दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर भी असर डाल सकती है.

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो पेट्रोल-डीजल से लेकर परिवहन और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी असर पड़ना तय है.

IEA की चेतावनी

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने इस संकट को वैश्विक तेल बाजार के इतिहास के सबसे बड़े व्यवधानों में से एक बताया है. एजेंसी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो इसका असर वैश्विक आर्थिक स्थिरता पर गंभीर रूप से पड़ सकता है.

इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया है कि फिलहाल अमेरिका किसी तरह के युद्धविराम (सीजफायर) के पक्ष में नहीं है. उनका दावा है कि ईरान की सैन्य क्षमता काफी कमजोर हो चुकी है और वह खुद बातचीत करना चाहता है, लेकिन अमेरिका इस समय सख्त रुख अपनाए हुए है.

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