आजकल हर दिन अलग-अलग नंबरों से आने वाली स्पैम कॉल्स लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2025 में भारतीयों को 4,168 करोड़ से ज्यादा स्पैम कॉल्स मिलीं. यह आंकड़ा दिखाता है कि डिजिटल फ्रॉड का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. जब देश डिजिटल तरीके से आगे बढ़ रहा है, तब भरोसेमंद कम्युनिकेशन बहुत जरूरी हो गया है.
रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे
रिपोर्ट में बताया गया कि 4,168 करोड़ स्पैम कॉल्स की पहचान की गई. इनमें से 1,189 करोड़ कॉल्स को यूजर्स ने ब्लॉक कर दिया. करीब 770 करोड़ कॉल्स धोखाधड़ी से जुड़ी पाई गईं. एक स्पैम कॉल की औसत अवधि 1.8 मिनट रही. इसके अलावा 12,903 करोड़ स्पैम मैसेज भी सामने आए. इससे साफ है कि कॉल और मैसेज दोनों के जरिए लोगों को निशाना बनाया जा रहा है.
धोखाधड़ी करने वाले अक्सर बैंक, सरकारी अधिकारी, पेमेंट ऐप या बड़े ब्रांड का नाम लेकर कॉल करते हैं. कई बार वे कहते हैं कि आपका अकाउंट बंद हो जाएगा या केवाईसी अपडेट करना जरूरी है. ऐसे झांसे में आकर लोग अपनी निजी जानकारी दे देते हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं.
स्पैम मैसेज भी बड़ी चिंता बने हुए हैं, खासकर साल के दूसरे हिस्से में इनमें बढ़ोतरी देखी गई. हालांकि, कम्युनिटी रिपोर्टिंग और कॉल ब्लॉकिंग टूल्स की मदद से करोड़ों कॉल्स को रोका गया है. टेक्नोलॉजी लोगों को जागरूक करने और सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभा रही है.
ये है बचने का तरीका
फ्रॉड से बचने के लिए कुछ आसान बातों का ध्यान रखना जरूरी है. अगर कोई बैंक या केवाईसी के नाम पर कॉल करे तो पहले जांच करें, शक हो तो कॉल काट दें. ओटीपी, पिन, पासवर्ड, आधार या बैंक डिटेल किसी अनजान व्यक्ति को कभी न बताएं. संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अनजान ऐप डाउनलोड करने से बचें. सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है.
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