PoK Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में पिछले कई दिनों से पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है. प्रदर्शनकारी पाकिस्तान के पुराने वादों और नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं.
हाल ही में रावलकोट के ईदगाह मैदान में हुए प्रदर्शन के दौरान अवामी एक्शन कमेटी के नेताओं ने कहा कि लोगों को सालों से सिर्फ वादे दिए गए, लेकिन उनकी असली समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया.
78 साल पुराने वादों पर उठे सवाल
अवामी एक्शन कमेटी के सदस्य सरदार जावेद इकबाल ने कहा कि लोगों को लंबे समय से बड़े-बड़े दावे दिखाए गए, लेकिन जमीन पर हालात नहीं बदले. उन्होंने कहा कि अब POK के लोग सिर्फ नारों और वादों पर भरोसा नहीं करेंगे. लोगों की मांगें रोजमर्रा की जरूरतों जैसे आटा, बिजली, पानी और बेहतर शासन से जुड़ी हैं.
रावलकोट में हजारों लोगों का प्रदर्शन
रावलकोट के ईदगाह मैदान में बड़ी संख्या में लोग जुटे और उन्होंने POK को लेकर अपने विरोध की आवाज उठाई. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अपने अधिकारों और सुविधाओं की मांग कर रहे हैं. इस दौरान कई नारे भी लगाए गए.
सेना पर लगे गंभीर आरोप
प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान सेना पर भी आरोप लगाए गए. अवामी एक्शन कमेटी ने दावा किया कि POK के टट्टा पानी इलाके में सेना के जवानों ने एक दुकान का शटर तोड़कर सामान और पैसे ले लिए. कमेटी की ओर से इस घटना का वीडियो भी जारी किया गया है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
मुजफ्फराबाद मार्च की तैयारी
प्रदर्शनकारियों ने आने वाले मुजफ्फराबाद मार्च को लेकर लोगों से एकजुट होने की अपील की है. आंदोलन से जुड़े नेताओं ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग इस मार्च में शामिल होंगे और अपनी मांगों को उठाएंगे.
चुनाव से पहले बढ़ा तनाव
POK में आने वाले समय में चुनाव भी होने हैं. चुनावी माहौल के बीच पाकिस्तान समर्थित राजनीतिक दलों के नेताओं के विरोध की खबरें सामने आ रही हैं. कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच तनाव भी देखने को मिला है. अब सभी की नजर मुजफ्फराबाद में होने वाले मार्च पर है. देखना होगा कि यह आंदोलन आगे किस दिशा में जाता है और POK की राजनीति पर इसका क्या असर पड़ता है.
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