CDS बनते ही एक्शन में आए जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, शुरू की थियेटर कमांड की तैयारी, सेना की ताकत होगी दोगुनी

भारत की सैन्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने की तैयारी तेज हो गई है. नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के कार्यभार संभालने के बाद थियेटर कमांड बनाने की योजना को फिर से गति मिल गई है.

General NS Raja Subramani safter becoming CDS Initiate Process Theatre Commands
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

नई दिल्ली: भारत की सैन्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने की तैयारी तेज हो गई है. नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के कार्यभार संभालने के बाद थियेटर कमांड बनाने की योजना को फिर से गति मिल गई है.

थियेटर कमांड का उद्देश्य सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर तालमेल बनाना है, ताकि युद्ध जैसी स्थिति में तीनों सेनाएं एक साथ और ज्यादा प्रभावी तरीके से काम कर सकें.

अगर यह योजना लागू होती है तो भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा, जहां तीनों सेनाएं थियेटर कमांड के ढांचे के तहत काम करती हैं.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सामने रखा जाएगा प्रस्ताव

जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने 31 मई 2026 को भारत के तीसरे CDS और सैन्य मामलों के विभाग (DMA) के प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभाली है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, CDS सुब्रमणि जल्द ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सामने थियेटर कमांड की योजना का पूरा खाका पेश कर सकते हैं.

इस योजना की शुरुआत सबसे पहले भारत के पहले CDS जनरल बिपिन रावत के समय हुई थी. उन्होंने 2020 में सशस्त्र सेनाओं के लिए इंटीग्रेटेड थियेटर कमांड बनाने का विचार सामने रखा था.

इसके बाद पूर्व CDS जनरल अनिल चौहान ने अपने कार्यकाल के अंत में थियेटर कमांड का ड्राफ्ट रक्षा मंत्रालय को सौंपा था. अब जनरल सुब्रमणि इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं.

रक्षा मंत्री से मंजूरी मिलने के बाद इसे अंतिम स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) के सामने रखा जाएगा.

तीन थियेटर कमांड बनाने की योजना

भारत में तीन प्रमुख थियेटर कमांड बनाने की योजना है. इनमें सेना, नौसेना और वायुसेना की अलग-अलग कमांड को शामिल किया जाएगा.

नॉर्दर्न थियेटर कमांड:

यह चीन से लगी उत्तरी सीमाओं की सुरक्षा पर ध्यान देगा.

वेस्टर्न थियेटर कमांड:

इसकी जिम्मेदारी पाकिस्तान से लगी सीमाओं की सुरक्षा होगी.

मैरीटाइम थियेटर कमांड:

इसमें अंडमान-निकोबार द्वीप समूह सहित समुद्री सीमाओं की सुरक्षा पर ध्यान दिया जाएगा.

योजना के अनुसार, हर थियेटर कमांड का नेतृत्व चार सितारा रैंक वाले सैन्य अधिकारी करेंगे. इसके लिए नए उच्च पदों के गठन की तैयारी है, जिनका स्तर मौजूदा सेना प्रमुख, नौसेना प्रमुख और वायुसेना प्रमुख के बराबर होगा.

इसके अलावा एक वाइस चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (VCDS) का पद भी बनाया जा सकता है.

दुनिया की बड़ी सैन्य शक्तियों में शामिल होगा भारत

फिलहाल भारत की सेना, नौसेना और वायुसेना के पास कुल 17 अलग-अलग कमांड हैं. थियेटर कमांड लागू होने के बाद इन्हें जरूरत के हिसाब से अलग-अलग क्षेत्रों में एकीकृत किया जाएगा.

इससे युद्ध के समय तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल होगा और फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे.

थियेटर कमांड व्यवस्था लागू होने के बाद भारत दुनिया के उन पांच प्रमुख देशों में शामिल हो जाएगा, जिनकी सेनाएं इसी मॉडल पर काम करती हैं.

इन देशों में शामिल हैं—

  • अमेरिका
  • चीन
  • रूस
  • ब्रिटेन
  • फ्रांस

भारत का लक्ष्य आधुनिक युद्ध की जरूरतों के हिसाब से अपनी सैन्य क्षमता को और मजबूत करना है.

ये भी पढ़ें- 'डील होगी तो फायदे वाली', ट्रेड डील पर अमेरिका को भारत का दो टूक जवाब, मोदी सरकार ने बता दी अपनी शर्तें