Train Ticket Rule: अगर आप ट्रेन के जनरल डिब्बे में सफर करते हैं और टिकट का स्क्रीनशॉट या व्हाट्सऐप पर भेजा गया टिकट दिखाते हैं, तो अब सावधान हो जाइए. रेलवे ने साफ किया है कि जांच के समय केवल रेल वन (Rail One) ऐप में दिखने वाला ओरिजिनल डिजिटल टिकट ही मान्य होगा. स्क्रीनशॉट, फोटो, पीडीएफ या व्हाट्सऐप पर भेजा गया टिकट स्वीकार नहीं किया जाएगा. ऐसा करने पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है.
क्या हैं नए नियम?
रेलवे के मुताबिक, जनरल (अनारक्षित) डिजिटल टिकट उसी मोबाइल फोन में होना चाहिए, जिससे टिकट बुक किया गया है. यात्रा के दौरान वही मोबाइल और एक वैध फोटो पहचान पत्र साथ रखना जरूरी होगा.
इसके अलावा, ट्रेन स्टेशन से रवाना होने से पहले ही टिकट बुक करना होगा. अगर ट्रेन चलने के बाद टिकट खरीदा जाता है, तो उसे मान्य नहीं माना जाएगा.
रेलवे ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर जानकारी देते हुए बताया कि रेल वन ऐप से बुक किया गया अनारक्षित टिकट सिर्फ उसी रजिस्टर्ड मोबाइल पर वैध होगा, जिससे टिकट खरीदा गया है. व्हाट्सऐप, स्क्रीनशॉट या किसी अन्य माध्यम से दिखाया गया टिकट मान्य नहीं होगा.
व्हाट्सएप पर आया टिकट दिखाना पर्याप्त नहीं, रेलवे के नियम जानना है ज़रूरी!
— South East Central Railway (@secrail) July 8, 2026
RailOne App से बुक किया गया अनारक्षित टिकट केवल उसी पंजीकृत मोबाइल पर वैध माना जाता है, जिससे टिकट जारी हुआ हो। यात्रा के दौरान उक्त मोबाइल के साथ एक फोटोयुक्त पहचान पत्र रखना भी अनिवार्य है। व्हाट्सएप,… pic.twitter.com/5n45Jgdq4c
नियम पर लोगों ने जताई नाराजगी
रेलवे के इस नियम के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि इससे सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों और उन यात्रियों को होगी, जो खुद मोबाइल ऐप इस्तेमाल नहीं कर पाते और परिवार के किसी सदस्य से टिकट बुक करवाते हैं.
कुछ लोगों का कहना है कि अगर यात्री के पास वैध पहचान पत्र है, तो स्क्रीनशॉट या व्हाट्सऐप पर मौजूद टिकट को भी स्वीकार किया जाना चाहिए. वहीं कुछ लोगों ने रेलवे से इस नियम पर दोबारा विचार करने की मांग की है.
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