PoK में सड़कों पर उतरे हजारों लोग, फुटा 70 सालों का गुस्सा, पाकिस्तान के खिलाफ शुरू हुआ विद्रोह!

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में लंबे समय से सुलग रहा असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है.

Thousands of people in PoK are protesting against Pakistan
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इस्लामाबाद/मुज़फ़्फराबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में लंबे समय से सुलग रहा असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है. दशकों तक चुपचाप रह चुके लोगों ने अब सड़कों पर उतरकर अपने अधिकारों की मांग तेज कर दी है. सोमवार को अवामी एक्शन कमेटी (AAC) के आह्वान पर पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन और बंद का आयोजन किया गया, जिसने पाकिस्तान सरकार की नींद उड़ा दी है. POK के कई शहरों में जनसैलाब उमड़ पड़ा है और स्थानीय लोग खुलेआम पाकिस्तान सरकार के खिलाफ आवाज़ बुलंद कर रहे हैं.

AAC के नेतृत्व में हो रहा यह विरोध अब केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि 70 वर्षों की उपेक्षा, शोषण और भेदभाव के खिलाफ एक व्यापक जनांदोलन बनता जा रहा है.

POK की राजधानी मुज़फ़्फराबाद में सोमवार को हुए एक बड़े जनसमूह को संबोधित करते हुए, AAC के प्रमुख नेता शौकत नवाज मीर ने कहा, "हमारा आंदोलन किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं है, बल्कि उन मौलिक अधिकारों की मांग है जो पिछले सात दशकों से हमें नहीं दिए गए." उन्होंने मंच से एलान किया कि अब जनता चुप नहीं बैठेगी, और या तो उन्हें उनका हक़ दिया जाए या फिर सरकार जनता के गुस्से के लिए तैयार रहे.

उनका यह बयान स्थानीय जनता की पीड़ा और आक्रोश को प्रतिबिंबित करता है, जो लंबे समय से पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे शोषण और राजनीतिक उपेक्षा से त्रस्त है.

प्रदर्शन रोकने के लिए पाकिस्तान की कार्रवाई

प्रदर्शनों को दबाने के लिए पाकिस्तान सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं. आंदोलन शुरू होने से पहले ही पूरे POK में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं. पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को पूरी तरह से तैयार हालत में रखा गया है.

  • पंजाब प्रांत से हजारों सैनिकों को बुलाकर POK के प्रमुख शहरों में तैनात किया गया है.
  • इस्लामाबाद से भी 1000 अतिरिक्त जवानों को भेजा गया है.
  • शनिवार और रविवार को ही पुलिस ने प्रमुख शहरों की सीमाएं सील कर दी थीं, ताकि आंदोलनकारी राजधानी की ओर न बढ़ सकें.
  • फ्लैग मार्च कर जनता को डराने की कोशिश भी की गई है.

इन सबके बावजूद, AAC और जनता पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. आंदोलन का स्वरूप लगातार बड़ा और तीखा होता जा रहा है.

क्यों उबल रहा है POK?

POK के लोगों की नाराजगी के पीछे कई कारण हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख मुद्दे निम्नलिखित हैं:

राजनीतिक अधिकारों की कमी:

AAC ने 38 सूत्रीय मांगपत्र जारी किया है, जिसमें सबसे बड़ी मांग है कि उन 12 विधानसभाई सीटों को खत्म करना, जिन्हें पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में रह रहे तथाकथित "कश्मीरी शरणार्थियों" के लिए आरक्षित किया गया है.

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पाकिस्तान इन सीटों के जरिए बाहरी लोगों को लाकर POK की राजनीति में हस्तक्षेप करता है और उन्हें जबरन थोपता है.

बढ़ती महंगाई और आर्थिक असमानता:

POK की जनता बिजली, आटा, और अन्य ज़रूरी सामान की बढ़ती कीमतों से परेशान है. लोग अब भारतीय कश्मीर (जम्मू-कश्मीर) से तुलना कर रहे हैं, जहाँ सब्सिडी, विकास और मूलभूत सुविधाएं बेहतर हैं. इससे पाकिस्तान सरकार की नीतियों पर सवाल उठने लगे हैं.

विफल वार्ता और प्रशासनिक उदासीनता:

कुछ दिन पहले AAC और पाकिस्तान सरकार के प्रतिनिधियों के बीच 13 घंटे लंबी वार्ता हुई थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला. इसके बाद AAC ने आंदोलन तेज करने और पूरे क्षेत्र में बंद और चक्का जाम का एलान कर दिया.

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