Dark Mode In Phone: आजकल लगभग सभी स्मार्टफोन में डार्क मोड का विकल्प मौजूद होता है. इसे इस्तेमाल करने के पीछे कई लोगों का मानना है कि यह आंखों के लिए बेहतर है और बैटरी बचाने में मदद करता है. दरअसल, डार्क मोड का डिजाइन ऐसा होता है कि स्क्रीन पर रोशनी कम दिखाई देती है, जिससे आंखों पर कम जोर पड़ता है.
इसके अलावा, ऐसा लगता है कि डार्क मोड कम ब्राइटनेस का उपयोग करता है, जिससे बैटरी कम खर्च होती है. लेकिन विशेषज्ञों की राय और कई रिपोर्ट्स के अनुसार, यह धारणा हमेशा सही नहीं होती. आइए जानते हैं तीन मुख्य कारण, जिनकी वजह से डार्क मोड का उपयोग जरूरी नहीं है और कभी-कभी इससे असुविधा भी हो सकती है.
1. डार्क मोड हमेशा बैटरी नहीं बचाता
OLED और AMOLED स्क्रीन वाले स्मार्टफोन में यह माना जाता है कि डार्क मोड बैटरी बचाता है क्योंकि काले पिक्सल बंद हो जाते हैं. मेक यूज ऑफ की रिपोर्ट के मुताबिक, यह तभी सच है जब पिक्सल पूरी तरह से काले हों. लेकिन ज्यादातर डार्क मोड में केवल गहरा ग्रे कलर इस्तेमाल होता है, जो बिजली का उपयोग करता है. इसका मतलब यह हुआ कि असल में बैटरी बचत बहुत कम होती है. OLED डिस्प्ले में डार्क मोड को “बैटरी सेवर” कहा जाता है, लेकिन वास्तविकता में इसका असर सीमित है.
2. पढ़ने में परेशानी और कम कंट्रास्ट
डार्क मोड में सफेद या हल्के रंग का टेक्स्ट काले या गहरे बैकग्राउंड पर दिखाई देता है. जबकि हमारे लिए किताबें और पढ़ाई का तरीका सदियों से यही रहा है कि काले अक्षर सफेद पृष्ठ पर होते हैं, जिससे आंखों को आसानी से पढ़ाई में मदद मिलती है. डार्क मोड में कंट्रास्ट कम होने के कारण टेक्स्ट पढ़ना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. खासतौर पर कुछ स्मार्टफोन, जैसे सैमसंग के मॉडल, डार्क मोड में काला, गहरा ग्रे और गहरा हरा रंग मिलाकर उपयोग करते हैं, जिससे आंखों पर और भी जोर पड़ता है.
3. ऐप्स में विजुअल अनुभव प्रभावित होता है
अधिकांश ऐप्स को डार्क मोड के हिसाब से डिज़ाइन नहीं किया गया है. कई स्क्रीनशॉट्स और ऐप्स की तुलना करने पर पता चलता है कि लाइट मोड में चीजें ज्यादा स्पष्ट और आकर्षक दिखाई देती हैं. डार्क मोड में हाइलाइट किए गए हिस्से का रंग बैकग्राउंड पर अजीब लगता है. उदाहरण के लिए, प्ले स्टोर में नीला रंग सफेद पृष्ठ पर अच्छा दिखता है, लेकिन काले बैकग्राउंड पर ठीक नहीं लगता. इसी तरह जीमेल में सफेद टेक्स्ट काले पृष्ठ पर ठीक दिखता है, लेकिन हल्का सफेद टेक्स्ट डार्क मोड में पढ़ने में मुश्किल हो सकता है. बहुत से ऐप्स में डार्क मोड बाद में जोड़ा गया है, इसलिए डिजाइन पूरी तरह से फाइन-ट्यून नहीं होता, जिससे यूजर अनुभव प्रभावित होता है.
लाइट मोड के फायदे
डार्क मोड का विकल्प समय के साथ लोकप्रिय हुआ, लेकिन अब कई लोग इसे आवश्यक नहीं मानते. इसमें कंट्रास्ट कम होता है, ऐप्स का विजुअल अनुभव प्रभावित होता है और ग्रे शेड्स में बैटरी बचत भी सीमित होती है.
इसलिए अगर आप चाहें तो डार्क मोड को बंद करके लाइट मोड का उपयोग कर सकते हैं. लाइट मोड न सिर्फ आंखों के लिए बेहतर है बल्कि ऐप्स और कंटेंट को देखने का अनुभव भी अधिक स्पष्ट और आकर्षक बनाता है. इसलिए अगली बार जब आप अपने फोन में डार्क मोड ऑन करने का सोचें, तो ध्यान दें कि यह जरूरी नहीं कि हमेशा फायदेमंद हो, और जरूरत पड़ने पर आप इसे ऑफ कर सकते हैं.
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