भारतीय क्रिकेट टीम के लिए एक नई शुरुआत की झलक मिल रही है. लंबे समय से चर्चाओं में रहा टीम इंडिया का जर्सी स्पॉन्सर का मामला अब सुलझ गया है. अपोलो टायर्स अब आधिकारिक रूप से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के साथ करार करते हुए टीम इंडिया का नया जर्सी प्रायोजक बन गया है. यह साझेदारी ड्रीम11 के अनुबंध समाप्त होने के बाद सामने आई है.
इस समझौते के तहत अपोलो टायर्स बीसीसीआई को प्रति मैच ₹4.5 करोड़ का भुगतान करेगा, जो कि इससे पहले के प्रायोजक ड्रीम11 द्वारा दिए गए ₹4 करोड़ से अधिक है. यह सहयोग भारत के व्यस्त अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर को देखते हुए टायर कंपनी को वैश्विक ब्रांडिंग का बड़ा अवसर प्रदान करेगा. यह सौदा न सिर्फ आर्थिक दृष्टि से अहम है, बल्कि भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे फायदेमंद प्रायोजन समझौतों में से एक माना जा रहा है.
एशिया कप में टीम इंडिया रही थी बिना स्पॉन्सर
गौरतलब है कि मौजूदा एशिया कप 2025 के दौरान पुरुष भारतीय क्रिकेट टीम बिना किसी जर्सी स्पॉन्सर के मैदान पर उतरी थी. महिला टीम भी हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज़ में बिना प्रायोजक के खेली. हालांकि, अब देखना यह होगा कि 30 सितंबर से शुरू हो रहे महिला वनडे वर्ल्ड कप में क्या महिला टीम को भी यही स्पॉन्सर मिलेगा या कोई नया नाम सामने आएगा.
क्यों छोड़ा ड्रीम11 ने करार?
ड्रीम11 का नाम स्पॉन्सरशिप से हटने के पीछे एक अहम कारण भारत सरकार द्वारा ऑनलाइन गेमिंग एप्स पर लगाए गए प्रतिबंध हैं, खासकर रीयल मनी गेम्स को लेकर. इस पाबंदी के बाद बीसीसीआई ने सट्टेबाजी से जुड़े किसी भी एप्लिकेशन से दूरी बना ली.
ड्रीम11 ने जुलाई 2023 में BCCI के साथ ₹358 करोड़ का अनुबंध किया था, और आईपीएल तथा भारतीय टीम की प्रायोजकता से मिलाकर कुल ₹1,000 करोड़ से अधिक का निवेश किया था. अब इस स्थान को अपोलो टायर्स ने भर दिया है.इस गठबंधन से अपोलो टायर्स को भारत और विश्व स्तर पर ब्रांड की नई पहचान मिलेगी. भारतीय क्रिकेट टीम के साथ नाम जुड़ना, विशेषकर एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर, मार्केटिंग और ब्रांड वैल्यू के लिहाज से अत्यंत लाभकारी है.
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