Asia Cup 2025: टीम इंडिया का अभियान एशिया कप 2025 में जोश के साथ आगे बढ़ रहा है. सुपर-4 में पहले ही जगह पक्की कर चुकी भारतीय टीम अब अपने आखिरी लीग मैच में शुक्रवार को ओमान से भिड़ेगी. हालांकि यह मुकाबला अंक तालिका की दृष्टि से ज्यादा मायने नहीं रखता, लेकिन टीम संयोजन और खिलाड़ियों की तैयारी के लिहाज से यह एक अहम मैच बनने जा रहा है.
कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव की जोड़ी फिलहाल बेहतरीन संतुलन के साथ टीम को आगे ले जा रही है, लेकिन ओमान के खिलाफ मुकाबले में कुछ रणनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं, खासकर गेंदबाजी विभाग में.
बुमराह को मिलेगा आराम?
भारत के स्ट्राइक बॉलर जसप्रीत बुमराह को ओमान के खिलाफ मैच में आराम दिया जा सकता है. वजह साफ है कि भारत को 21, 24, 26 और 28 सितंबर को लगातार मुकाबले खेलने हैं और इनमें से तीन सुपर-4 के होंगे और एक फाइनल (यदि भारत क्वालीफाई करता है). ऐसे में, टीम मैनेजमेंट बुमराह को तरोताजा रखना चाहता है, ताकि वह टूर्नामेंट के सबसे निर्णायक चरण में 100% फिटनेस के साथ उतरें.
बुमराह खुद इस फैसले पर क्या सोचते हैं, यह साफ नहीं हुआ है, लेकिन यह एक सोच-समझकर लिया गया फैसला माना जा रहा है. उनकी जगह अर्शदीप सिंह या हर्षित राणा में से किसी को मौका मिल सकता है. अनुभवी अर्शदीप का दावा ज़्यादा मजबूत है, खासकर क्योंकि वह T20I में अपने 100 विकेट के आंकड़े के बेहद करीब हैं.
बल्लेबाज़ी में बदलाव की संभावना कम, लेकिन रणनीति होगी आक्रामक
भारत की बल्लेबाज़ी अब तक टूर्नामेंट में बहुत अधिक परीक्षित नहीं हुई है. यूएई और पाकिस्तान के खिलाफ मैच एकतरफा रहे, जिससे बल्लेबाज़ों को लंबे समय तक क्रीज़ पर टिकने का मौका नहीं मिला. अब जब टीम सुपर-4 की चुनौतीपूर्ण राह पर निकलने वाली है, तो बल्लेबाज़ चाहेंगे कि ओमान के खिलाफ वो स्वतंत्र होकर खेलें और अपनी फॉर्म व आत्मविश्वास दोनों को और पुख्ता करें.
ऐसे में विराट कोहली, रोहित शर्मा, संजू सैमसन और सूर्यकुमार यादव जैसे बल्लेबाज़ों से तेज़ और जिम्मेदार पारियों की उम्मीद की जा सकती है. यह मुकाबला एक तरह से सुपर-4 की तैयारी का 'सेटअप मैच' बन सकता है.
बेंच स्ट्रेंथ को परखने का सुनहरा मौका
एशिया कप जैसे बहुचर्चित टूर्नामेंट में बेंच स्ट्रेंथ को मौका देना कोई छोटी बात नहीं होती. भारत के लिए यह मुकाबला एक "स्मार्ट मैनेजमेंट मूव" हो सकता है, जहां युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय दबाव में परखने का मौका मिलेगा और मुख्य खिलाड़ियों को आराम. ऐसे में हम रिंकू सिंह, तिलक वर्मा या रवि बिश्नोई जैसे चेहरों को मैदान पर देख सकते हैं, यदि टीम थोड़ा और प्रयोग करने की सोचती है.
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