चीन के बढ़ते सैन्य दबाव और संभावित हमले के खतरे को देखते हुए ताइवान अब अपने रक्षा ढांचे को तकनीकी रूप से मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है. आने वाले दो वर्षों में ताइवान सरकार करीब 50,000 से अधिक ड्रोन खरीदने की योजना पर काम कर रही है.
इस व्यापक योजना का मकसद ड्रोन जैसी रणनीतिक तकनीकों के माध्यम से अपनी सीमाओं की सुरक्षा को नई मजबूती देना है. हाल ही में ताइवान की रक्षा मंत्रालय की खरीद वेबसाइट पर जारी दस्तावेजों में इस महत्वाकांक्षी योजना के विस्तृत विवरण सामने आए हैं.
ड्रोन की खरीद को लेकर बड़ा रोडमैप तैयार
ताइवान के रक्षा मंत्रालय के आयुध ब्यूरो ने आगामी वर्षों में चरणबद्ध तरीके से हजारों ड्रोन खरीदने का निर्णय लिया है. 2026 में 11,270 ड्रोन खरीदे जाएंगे. 2027 में पांच अलग-अलग सीरीज में कुल 37,480 ड्रोन की खरीद की जाएगी. यह रणनीति अमेरिका की नई रक्षा नीति के अनुरूप है, जहां परंपरागत हथियारों के मुकाबले अब उन्नत ड्रोनों को प्राथमिकता दी जा रही है.
ड्रोन की पांच कैटेगरी, अलग-अलग क्षमता और उद्देश्य
ताइवान की योजना पांच अलग-अलग प्रकार के ड्रोन को शामिल करने की है, जिनमें से हर एक की भूमिका, रेंज और उड़ान क्षमता अलग-अलग है. टाइप A - मल्टी-रोटर VTOL ड्रोन, रेंज: 6 किमी, पेलोड क्षमता: 2.5 किलोग्राम, उड़ान समय: 7 से 30 मिनट (वजन के आधार पर), खरीद योजना: 2026: 7,500 यूनिट, 2027: 26,500 यूनिट, उपयोग: निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया मिशन
टाइप B - लॉन्ग एंड्योरेंस VTOL ड्रोन
टाइप C - कैटापल्ट लॉन्च फिक्स्ड विंग ड्रोन
टाइप D - छोटे फिक्स्ड-विंग ड्रोन
ड्रोन निर्माण में चीन का कोई योगदान नहीं होगा
ताइवान सरकार ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि इन ड्रोन में किसी भी प्रकार का चीनी घटक, तकनीक या सप्लाई चैन का हिस्सा नहीं होगा. इसका उद्देश्य चीन से किसी भी प्रकार के साइबर या तकनीकी हस्तक्षेप को रोकना है.
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