Electoral Bond Case: SBI भारतीय स्टेट बैंक को चुनावी बॉन्ड मामले में सप्रीम कोर्ट की ओर से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने बैंक के आवेदन को खारिज करते हुए 12 मार्च को इस संबंध में आंकड़े उपलब्द कराने के आदेश जारी किए हैं. बता दें कि इस याचिका में SBI की ओर से जून तक समयसीमा को बढ़ाने की मांग की गई थी. बता दें कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि बैंक को भारत के चुनाव आयोग को चुनावी बांड का विवरण जमा करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता है, साल्वे का कहना है कि एसबीआई की एकमात्र समस्या यह है कि वह पूरी प्रक्रिया को उलटने की कोशिश कर रहा है. एसओपी ने सुनिश्चित किया कि हमारे कोर बैंकिंग सिस्टम और बांड नंबर में खरीदार का कोई नाम नहीं था. वहीं बैंक को सुप्रीम कोर्ट की ओर से बड़ा झटका लगा है.
सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए आदेश
बता दें कि SBI को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर साफ तौर पर कहा कि आदेश का तत्काल पालन किया जाए. इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी जानकारी 12 मार्च यानी कल तक चुनाव आयोग को दी जाएं. सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आदेशानुसार आयोग को यह जानकारी 15 मार्च तक पोर्टल पर अपलोड करने के आदेश दिए गए हैं.
प्रक्रिया को पूरा होने में लगेगा समय
बता दें कि SBI नो कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि प्रक्रिया को पूरा करने में समय लगेगा. बैंक का कहना है कि यह प्रक्रिया के तहत चुनावी बॉन्ड को ‘डीकोड’ (कूट रहित) करना और चंदे का मिलान इसे देने वालों से करना यह काफी जटिल प्रक्रियाओं में से एक है.
यह भी पढ़े: तेलंगाना में BJP की बड़ी सेंधमारी, दिल्ली में BRS से 4 और कांग्रेस से 1 नेता भाजपा में शामिल