Supermoon 2025: 4 दिसंबर 2025 को साल का आखिरी सुपरमून, जिसे ‘कोल्ड मून’ कहा जा रहा है, पूरी दुनिया के आसमान में अपनी चांदनी बिखेरेगा. यह चांद पूरे साल का सबसे बड़ा और सबसे चमकदार चांद होगा, जो हमारे लिए एक विशेष खगोलीय घटना साबित होने वाला है. इस खास सुपरमून का नजारा भारत में भी अद्भुत रहेगा. खास बात यह है कि यह चांद सामान्य चांद से 10 प्रतिशत बड़ा और 30 प्रतिशत ज्यादा चमकदार नजर आएगा, क्योंकि यह धरती के बेहद करीब होगा.
कोल्ड मून: क्यों है यह इतना खास?
सुपरमून तब होता है जब चांद पृथ्वी के सबसे करीब (पेरिजी) आता है और उसी दिन पूर्णिमा होती है. इस बार 4 दिसंबर को चांद सिर्फ 3,57,000 किलोमीटर दूर होगा, जो इसे सामान्य आकार से 10 प्रतिशत बड़ा और 30 प्रतिशत अधिक चमकदार बनाएगा. यह 2025 का चौथा सुपरमून है, लेकिन नवंबर के बाद यह दूसरा सबसे बड़ा चांद होगा.
दिसंबर का सुपरमून: पूरे साल का सबसे बड़ा चांद
दिसंबर का सुपरमून साल के बाकी दिनों से बिल्कुल अलग होता है. इस समय चांद पृथ्वी के सबसे ऊपर के हिस्से में होता है, जो इसे आसमान में सबसे ऊंचा स्थान देता है. 21 दिसंबर को सर्दियों का संक्रांति (Winter Solstice) होगा, और इसी दिन सूरज पूरी तरह से सबसे नीचे होगा. सूरज के विपरीत दिशा में चांद अपनी पूर्णिमा के समय सबसे ऊंचाई पर पहुंचता है. इसका नजारा ठंड की लंबी रातों में और भी जादुई हो जाता है, क्योंकि चांद रात के आसमान में अधिक समय तक चमकता है.
सुपरमून का अद्भुत दृश्य कब मिलेगा?
भारत में 4 दिसंबर की शाम को सूरज के डूबने के बाद चांद आसमान में चमकता हुआ दिखाई देगा. शाम 7 बजे के आसपास, भारत के विभिन्न शहरों में नारंगी रंग का चांद नजर आएगा. हालांकि, इस अद्भुत नजारे का सबसे सुंदर दृश्य 5 दिसंबर को दिखाई देगा, जब सूरज डूबने के बाद चांद आसमान में उभरेगा. यदि आसमान साफ रहा, तो दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, चेन्नई और लखनऊ जैसे शहरों में बिना दूरबीन के भी यह शानदार दृश्य देखा जा सकेगा.
दुनिया भर में सुपरमून के अलग-अलग नाम
सुपरमून को दुनिया भर में विभिन्न नामों से जाना जाता है. अमेरिका में इसे "कोल्ड मून", "लॉन्ग नाइट मून" और "फ्रॉस्ट एक्सप्लोडिंग ट्रीज़ मून" कहा जाता है. पुराने समय में इसे "मून बिफोर यूल" भी कहा जाता था, जो क्रिसमस से पहले का चांद था. भारत में इसे "मार्गशीर्ष पूर्णिमा" कहा जाता है. इस चांद को वैश्विक स्तर पर विभिन्न संस्कृतियों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है, लेकिन सभी जगह इसका अद्भुत आकर्षण समान है.
कहां और कैसे देखें कोल्ड मून का नजारा?
विशेषज्ञों के अनुसार, शहर की तेज रोशनी सुपरमून की चमक को धुंधला कर देती है. इसलिए, यदि आप इस चांद का सबसे अच्छा दृश्य देखना चाहते हैं, तो शहर से दूर किसी खुले स्थान जैसे छत या मैदान पर जाएं, जहां कम प्रकाश प्रदूषण हो. दिसंबर की सर्द रातों में इस शानदार सुपरमून का नजारा निश्चित ही एक अविस्मरणीय अनुभव होगा. यह नजारा 2025 का आखिरी सुपरमून होगा, जिसे देखना आपके लिए एक खास मौका होगा.
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