इस्लामाबाद: पहलगाम आतंकी हमले के बाद 7 मई को भारत की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर नई जानकारी सामने आई है. डिस्कवरी चैनल की विशेष डॉक्यूमेंट्री ‘डीक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ में इस सैन्य अभियान से जुड़ी कई बातें दिखाई गई हैं. 15 अगस्त को डॉक्यूमेंट्री के प्रीमियर के बाद पाकिस्तान की सेना ने इस पर नाराजगी जताई है.
पाकिस्तानी सेना ने डॉक्यूमेंट्री को खारिज करते हुए इसे ‘बॉलीवुड फिल्म की तरह काल्पनिक’ बताया. असीम मुनीर के नेतृत्व वाली पाकिस्तानी सेना ने भारत पर ऑपरेशन सिंदूर को लेकर झूठी कहानी बनाने का आरोप लगाया और एक बार फिर इस संघर्ष में अपनी जीत का दावा किया.
पाकिस्तानी सेना ने डॉक्यूमेंट्री को बताया गलत
पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया कि भारत ने एक साल से ज्यादा समय बाद ऑपरेशन सिंदूर की घटनाओं को अपनी पसंद के हिसाब से पेश करने की कोशिश की है. सेना ने आरोप लगाया कि भारतीय कंटेंट क्रिएटर्स ने डॉक्यूमेंट्री में अभियान का नाटकीय और गलत विवरण दिखाया है.
More than a year after Marka-e-Haq, India refuses to face the harsh reality. Instead of conceding defeat in a failed venture, India has decided to colour history in her preferred hues. To achieve this mutilation of history, Indian content creators have produced a highly…
— DG ISPR (@OfficialDGISPR) August 17, 2026
बयान में कहा गया कि डॉक्यूमेंट्री में भारत के वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य अधिकारियों को शामिल किया गया है, लेकिन इसमें जरूरी गंभीरता और गहराई नहीं है. पाकिस्तान का आरोप है कि चुनिंदा इंटरव्यू, भावुक अंदाज में की गई कहानी और फिल्मी दृश्यों के जरिए घटनाओं को नए तरीके से पेश किया गया है.
पहलगाम हमले को लेकर भी उठाए सवाल
पाकिस्तानी सेना ने डॉक्यूमेंट्री में 16 अप्रैल 2025 के असीम मुनीर के भाषण और 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बीच संबंध दिखाने पर भी सवाल उठाया.
पाकिस्तान ने कहा कि भारत ने दावा किया था कि पहलगाम हमले के तीन हमलावरों को 28 जुलाई 2025 को मार गिराया गया. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर हमलावर बाद में मारे गए तो 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने किन लोगों को निशाना बनाया था.
पाकिस्तान ने फिर किया अपनी जीत का दावा
पाकिस्तानी सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में अपनी सफलता का दावा दोहराया. उसके मुताबिक, ‘मार्का-ए-हक’ के दौरान पाकिस्तान ने भारत की सैन्य कार्रवाई को सफलतापूर्वक रोक दिया था. इसके बाद पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन बनयानम मरसूस’ चलाने का भी दावा किया.
पाकिस्तानी सेना ने कहा कि डॉक्यूमेंट्री में लड़ाई खत्म होने को लेकर दी गई जानकारी भी भारत की एकतरफा जीत के दावे से मेल नहीं खाती.
युद्ध रोकने को लेकर भी भारत पर निशाना
पाकिस्तानी सेना ने कहा कि दोनों देशों के सैन्य अभियान को डीजीएमओ स्तर की बातचीत और सैन्य कार्रवाई रोकने पर बनी सहमति के बाद रोका गया था. पाकिस्तान का कहना है कि दोनों देशों के बीच हुई बातचीत इस बात का सबूत है कि भारत को कोई एकतरफा सैन्य जीत नहीं मिली.
पाकिस्तानी सेना ने भारत पर घटनाओं को अपनी जीत के तौर पर पेश करने का आरोप लगाया. बयान में कहा गया कि किसी घटना को फिल्मी अंदाज में दिखाने से असल घटनाक्रम नहीं बदल जाता और न ही युद्ध में हुई कार्रवाई का नतीजा बदला जा सकता है.
‘भारत ने खुद अपने दावे गलत साबित किए’
पाकिस्तानी सेना ने डॉक्यूमेंट्री में लड़ाई को लेकर किए गए कुछ दावों पर भी सवाल उठाए. उसका कहना है कि एक तरफ डॉक्यूमेंट्री में अचानक हमले और सैन्य बढ़त की बात की गई है, वहीं दूसरी तरफ यह भी कहा गया है कि भारत ने जानबूझकर लड़ाई को सीमित रखा और पाकिस्तान को पीछे हटने का मौका दिया.
पाकिस्तान ने इन दोनों दावों को एक-दूसरे के खिलाफ बताया है.
पाकिस्तान बोला- हम शांति के पक्ष में
अपने बयान के आखिर में पाकिस्तानी सेना ने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति और स्थिरता चाहता है. हालांकि, उसने साथ ही कहा कि उसकी सेना देश की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने के लिए पूरी तरह तैयार है.
पाकिस्तानी सेना ने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में भारत की ओर से किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब कड़ा और निर्णायक तरीके से दिया जाएगा.
ये भी पढ़ें- अनाज, ईंधन से लेकर बिजली तक के लिए भारत पर निर्भर बांग्लादेश, फिर तेवर क्यों दिखा रहे तारिक रहमान?