भारतीय महिला क्रिकेट की स्टार खिलाड़ी स्मृति मंधाना के लिए साल 2025 भावनाओं, उपलब्धियों और सीख से भरा रहा. एक ओर जहां उन्होंने टीम इंडिया के साथ इतिहास रचते हुए देश को पहला महिला वर्ल्ड कप जिताने में अहम भूमिका निभाई, वहीं दूसरी ओर उनका निजी जीवन भी इस साल सुर्खियों में रहा. साल के आखिर में स्मृति ने अपने 2025 का एक खास रीकैप साझा किया, जिसने फैंस का ध्यान एक बार फिर उनकी जिंदगी की ओर खींच लिया.
31 दिसंबर को स्मृति मंधाना ने इंस्टाग्राम पर साल 2025 की झलक दिखाता एक वीडियो पोस्ट किया. इस रीकैप में वर्ल्ड कप जीतने के जश्न, टीम के साथ बिताए गए यादगार पल, परिवार संग सुकून के लम्हे और उनके फिटनेस रूटीन की झलक शामिल थी.हालांकि इस वीडियो में उनकी शादी से जुड़ी कोई तस्वीर या वीडियो नजर नहीं आया, लेकिन पोस्ट के अंत में उन्होंने एक ऐसा संदेश साझा किया, जिसने फैंस को सोचने पर मजबूर कर दिया.
भगवद गीता का श्लोक बना चर्चा का केंद्र
स्मृति ने अपने रीकैप वीडियो के आखिर में भगवद गीता से भगवान कृष्ण का एक विचार साझा किया. इसमें लिखा था. “डेली भगवद गीता का 12वां दिन: इससे पहले कि आपके साथ कुछ बहुत अच्छा हो, सब कुछ बिखर जाता है. इसलिए बस इंतजार करें.”इस संदेश को कई फैंस ने उनके निजी जीवन से जोड़कर देखा और इसे बीते साल के अनुभवों का संकेत माना.
दिसंबर में दी थी शादी रद्द होने की जानकारी
जो लोग इस मामले से अनजान हैं, उन्हें बता दें कि 7 दिसंबर 2025 को स्मृति मंधाना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए म्यूजिक कंपोजर पलाश मुच्छल के साथ अपनी शादी रद्द होने की पुष्टि की थी. इस खबर ने फैंस को चौंका दिया था, क्योंकि इससे पहले दोनों की शादी की तैयारियों से जुड़ी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं.
23 नवंबर को होनी थी शादी, बाद में बदली परिस्थितियां
वर्ल्ड कप जीतने के बाद पलाश मुच्छल ने स्मृति मंधाना को डीवाई पाटिल स्टेडियम में प्रपोज किया था. इसके बाद सांगली में होने वाली मेहंदी और संगीत सेरेमनी की तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियां बटोरी थीं. शादी भी स्मृति के होमटाउन सांगली में ही तय थी.हालांकि, स्मृति के पिता के अस्पताल में भर्ती होने के बाद शादी को पोस्टपोन किया गया. इसके बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की अटकलें भी सामने आईं. बावजूद इसके, स्मृति और पलाश दोनों ने अलग-अलग पोस्ट के जरिए शादी कैंसिल करने की जानकारी दी और इस अध्याय को सम्मानपूर्वक समाप्त करने का फैसला किया.
नए साल की ओर नई सोच के साथ बढ़ीं स्मृति
स्मृति मंधाना का यह रीकैप साफ तौर पर दिखाता है कि 2025 उनके लिए सिर्फ एक साल नहीं, बल्कि सीख और आत्ममंथन का दौर रहा. मैदान परऐतिहासिक सफलता और निजी जीवन में आए बदलाव दोनों ने मिलकर उन्हें और मजबूत बनाया. अब फैंस को उम्मीद है कि 2026 स्मृति के लिए नई ऊर्जा और नई उपलब्धियां लेकर आएगा.
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