अमेरिका और ईरान के बीच हुए 14 दिन के युद्धविराम को लेकर शहबाज शरीफ ने इसे पाकिस्तान के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है. उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान की भूमिका महत्वपूर्ण रही है और इससे वैश्विक मंच पर देश की साख मजबूत हुई है.
कैबिनेट बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह पल देश के इतिहास में खास महत्व रखता है और इससे पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि में सुधार देखने को मिला है. उनके मुताबिक, दुनिया अब पाकिस्तान को ज्यादा सम्मान और गौरव की नजर से देख रही है.
ट्रंप के ऐलान के बाद बढ़ी कूटनीतिक हलचल
इस युद्धविराम की घोषणा डोनाल्ड ट्रंप ने की थी, जिसमें ईरान की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने की शर्त भी शामिल थी. ट्रंप ने इस प्रक्रिया में पाकिस्तान की भूमिका का जिक्र करते हुए शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी सेना प्रमुख को भी श्रेय दिया था.
इसके बाद पाकिस्तान की ओर से दोनों देशों के प्रतिनिधियों को 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में आगे की बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया है, जहां अगले चरण के समझौते पर चर्चा होने की संभावना है.
वैश्विक स्तर पर बढ़ती पहचान का दावा
शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन में कहा कि टोक्यो, लंदन और कुआलालंपुर जैसे शहरों में भी पाकिस्तान की चर्चा हो रही है, जो उनके अनुसार एक अभूतपूर्व स्थिति है. उन्होंने इसे पूरे देश के लिए गर्व का विषय बताया और कहा कि यह सम्मान देश की जनता का हक है.
उन्होंने यह भी कहा कि युद्धविराम का पहला चरण सफलतापूर्वक लागू हो चुका है और उन्हें भरोसा है कि आगे की वार्ताएं भी सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेंगी.
आसिम मुनीर को बताया ‘हीरो’
प्रधानमंत्री ने आसिम मुनीर की खुलकर तारीफ की और उन्हें इस पूरी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाने वाला बताया. उन्होंने कहा कि मुनीर ने न केवल पहले के संघर्ष के दौरान महत्वपूर्ण योगदान दिया, बल्कि इस बार भी उन्होंने देश के हित में राजनीतिक नेतृत्व के साथ मिलकर काम किया.
शहबाज शरीफ के अनुसार, आसिम मुनीर ने यह साबित किया है कि वे राष्ट्रीय उद्देश्यों को पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करते हैं और उनकी भूमिका सराहनीय रही है.
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