पाकिस्तानी साजिश के खिलाफ NIA की बड़ी कार्रवाई, बिहार-यूपी समेत कई राज्यों में धुंआधार छापेमारी

NIA Raids In Bihar-UP: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शुक्रवार को देश के चार राज्यों में एक साथ बड़ी छापेमारी की. यह कार्रवाई पाकिस्तान से संचालित आतंकी साजिश और उससे जुड़े नेटवर्क को लेकर की गई. एनआईए ने कुल 12 जगहों पर छापे मारे.

NIA takes major action against Pakistani conspiracy conducts massive raids several states Bihar and UP
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NIA Raids In Bihar-UP: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शुक्रवार को देश के चार राज्यों में एक साथ बड़ी छापेमारी की. यह कार्रवाई पाकिस्तान से संचालित आतंकी साजिश और उससे जुड़े नेटवर्क को लेकर की गई. एनआईए ने कुल 12 जगहों पर छापे मारे.

अधिकारियों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 5, महाराष्ट्र में 3, राजस्थान में 2 और बिहार में 2 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया. जांच एजेंसी उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिनके इस पूरे नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है.

पाकिस्तान से चल रहा था पूरा नेटवर्क

जांच में सामने आया है कि इस साजिश का मुख्य आरोपी पाकिस्तान में बैठा जसवीर चौधरी नाम का ऑपरेटर है. बताया जा रहा है कि वह अपने भारतीय साथियों के जरिए सीमा पार से हथियार और विस्फोटक मंगवा रहा था.

एनआईए के अनुसार ड्रोन के जरिए भारत-पाक सीमा पर हथियार, गोला-बारूद और आईईडी जैसी खतरनाक सामग्री गिराई जा रही थी. इन सामानों का इस्तेमाल देश में बड़े हमलों के लिए किया जाना था.

पंजाब और दिल्ली को निशाना बनाने की साजिश

जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपी पंजाब, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में सिलसिलेवार धमाके करने की योजना बना रहे थे. इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाना और लोगों में डर फैलाना था. फिलहाल एजेंसियां पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं और इससे जुड़े बाकी लोगों की पहचान करने में जुटी हैं.

सिरसा ग्रेनेड हमला मामले में चार्जशीट

इसी बीच एनआईए ने हरियाणा के सिरसा महिला थाना ग्रेनेड हमले के मामले में भी बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने इस केस में 9 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. इन आरोपियों में पाकिस्तान के दो हैंडलर शहजाद भट्टी और सोहेल अहमद उर्फ सोहेल बलोच के नाम भी शामिल हैं. इनके अलावा कई भारतीय सहयोगियों पर भी आरोप लगाए गए हैं.

सोशल मीडिया के जरिए हो रही थी भर्ती

एनआईए की जांच में पता चला है कि आरोपियों को सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए कट्टरपंथ की तरफ धकेला गया और फिर भर्ती किया गया. जांच एजेंसी के मुताबिक इस पूरे मॉड्यूल को भारत में धीरज नाम का आरोपी संभाल रहा था. आरोपियों ने पहले सिरसा महिला पुलिस स्टेशन की रेकी की और बाद में पंजाब से ग्रेनेड हासिल किया.

हमले का वीडियो भी बनाया गया

एनआईए के अनुसार 25 नवंबर 2025 को हुए इस ग्रेनेड हमले का वीडियो मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया गया था ताकि लोगों में डर फैलाया जा सके. फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश जारी है और एजेंसी इस नेटवर्क से जुड़े बाकी लोगों और कड़ियों की जांच कर रही है.

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