भारत की तरह अमेरिका भी इन दिनों भीषण गर्मी से जूझ रहा है. रविवार को अमेरिका के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में करीब 4 करोड़ लोग तेज गर्मी और उमस की चपेट में रहे. लगातार दूसरे दिन पड़ रही गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं. सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को हो रही है.
अमेरिका के कई इलाकों में हीट इंडेक्स यानी महसूस होने वाला तापमान 100 डिग्री फारेनहाइट (करीब 38 डिग्री सेल्सियस) से ऊपर दर्ज किया गया. यह असर मिनेसोटा से मिसिसिपी तक और पश्चिम में दक्षिणी कैलिफोर्निया व नेवादा तक देखा गया. मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम के कुछ इलाकों में तापमान 120 डिग्री फारेनहाइट (करीब 49 डिग्री सेल्सियस) तक पहुंच सकता है.
हीट डोम बना बड़ी वजह
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस भीषण गर्मी की सबसे बड़ी वजह 'हीट डोम' है. इसमें ऊपरी हवा गर्मी को बाहर नहीं निकलने देती, जिससे तापमान लगातार बढ़ता रहता है और कई दिनों तक राहत नहीं मिलती.
लोगों का घर से निकलना हुआ मुश्किल
अमेरिका में बेघर लोगों की मदद करने वाले एक संगठन के अधिकारी पीट मिलर ने बताया कि गर्मी और उमस इतनी ज्यादा है कि कुछ सेकंड बाहर खड़े रहने पर भी पसीना आने लगता है. उन्होंने कहा कि दिन ही नहीं, रात में भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल रही है.
गर्मी का असर आयोजनों पर भी पड़ा
साउथ डकोटा के रैपिड सिटी में 44 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो अब तक का सबसे ज्यादा रिकॉर्ड है. वहीं मिनेसोटा के कैंटरबरी पार्क में होने वाली घुड़दौड़ भी तेज गर्मी के कारण रद्द कर दी गई.
आगे भी बदलता रहेगा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में गर्मी का असर दक्षिणी इलाकों की ओर बढ़ सकता है. वहीं कुछ जगहों पर तेज आंधी, भारी बारिश और ओले गिरने की भी संभावना है. सप्ताह के बीच में कुछ इलाकों को राहत मिल सकती है, लेकिन सप्ताहांत तक फिर से तापमान बढ़ने के आसार हैं.
लोगों को दी गई सावधानी बरतने की सलाह
स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से ज्यादा से ज्यादा पानी पीने, धूप में कम निकलने और ठंडी जगहों पर रहने की सलाह दी है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है, क्योंकि उन्हें हीट स्ट्रोक का खतरा सबसे ज्यादा रहता है.
साल की दूसरी सबसे गर्म शुरुआत
मौसम से जुड़े आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, साल 2026 की पहली छमाही अमेरिका के लिए अब तक की दूसरी सबसे गर्म पहली छमाही रही है. इससे साफ है कि इस बार गर्मी का असर पिछले कई वर्षों की तुलना में ज्यादा देखने को मिल रहा है.
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