लोकसभा में पेश हुआ परीक्षा सुधार विधेयक, किरेन रिजिजू बोले- 'चर्चा से भागने वाले सांसदों पर होगी कार्रवाई...'

Paper Leak Bill 2026: लोकसभा में पेश हुआ परीक्षा सुधार विधेयक, हंगामे के बीच सरकार ने विपक्ष से मांगा सहयोग

paper-leak-bill-2026-lok-sabha-opposition-uproar-discussion
Image Source: Internet

Paper Leak Bill 2026: देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों के बीच केंद्र सरकार ने सार्वजनिक परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. सोमवार को लोकसभा में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पेश किया गया. हालांकि, जैसे ही विधेयक सदन में पेश हुआ, विपक्षी दलों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही बाधित हुई. सरकार का कहना है कि यह कानून युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जबकि विपक्ष ने अपनी अलग मांगों को लेकर सदन में हंगामा जारी रखा.

पेपर लीक रोकने के लिए सरकार का बड़ा कदम

केंद्र सरकार का कहना है कि यह संशोधन विधेयक देश में आयोजित होने वाली सार्वजनिक परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम साबित होगा. हाल के वर्षों में कई भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य पर असर डाला है. ऐसे में सरकार इस कानून के जरिए परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने का दावा कर रही है.

किरेन रिजिजू ने विपक्ष से की सहयोग की अपील

संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में विपक्षी दलों से अपील करते हुए कहा कि पेपर लीक का मुद्दा राजनीति से ऊपर है और इससे करोड़ों युवाओं का भविष्य जुड़ा हुआ है. उन्होंने कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों से आग्रह किया कि वे हंगामा छोड़कर इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लें और इसे पारित कराने में सहयोग करें. रिजिजू ने कहा कि सरकार चाहती है कि इस कानून पर सभी दल अपनी राय रखें ताकि व्यापक चर्चा के बाद एक मजबूत और प्रभावी व्यवस्था तैयार की जा सके.

प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के बयान की मांग पर सरकार का जवाब

विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री के बयान की मांग उठाए जाने पर किरेन रिजिजू ने इसे मूल मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया. उनका कहना था कि फिलहाल सरकार का पूरा फोकस परीक्षा सुधार से जुड़े इस विधेयक पर चर्चा कराने और इसे सदन से पारित कराने पर है. उन्होंने कहा कि युवाओं से जुड़े इतने महत्वपूर्ण विषय पर राजनीति करने के बजाय सभी दलों को समाधान निकालने की दिशा में काम करना चाहिए.

चर्चा में बाधा डालने वालों पर हो सकती है कार्रवाई

संसदीय कार्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि यदि कुछ सांसद जानबूझकर सदन की कार्यवाही में बाधा डालते हैं और चर्चा नहीं होने देते हैं, तो उनके खिलाफ लोकसभा के नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चर्चा सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है और यदि कोई सदस्य इस प्रक्रिया को बाधित करता है तो सदन के नियम उसके लिए स्पष्ट प्रावधान रखते हैं.

हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही स्थगित

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने जैसे ही 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' लोकसभा में पेश किया, विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया. लगातार शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी और लोकसभा अध्यक्ष को कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी. इस घटनाक्रम ने एक बार फिर संसद में महत्वपूर्ण विधेयकों पर राजनीतिक टकराव की तस्वीर सामने रखी.

शांभवी चौधरी ने विपक्ष पर साधा निशाना

एलजेपी (रामविलास) की सांसद शांभवी चौधरी ने भी इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यह विधेयक देश के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से लाया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए के सभी सांसद इस विधेयक पर चर्चा के पक्ष में हैं, लेकिन विपक्ष इस विषय को गंभीरता से लेने के बजाय सदन में हंगामा कर रहा है. शांभवी चौधरी ने कहा कि युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए इस कानून पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए ताकि देश की परीक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके.

ये भी पढ़ें-Nandan Nilekani: कौन हैं नंदन नीलेकणि? जिनको PM मोदी ने सौंपी परीक्षा सुधार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी