नई दिल्ली: भारत में बनी इलेक्ट्रिक कारों (EV) की मांग अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं रह गई है. दुनिया के कई देशों में भारतीय इलेक्ट्रिक कारों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है.
अप्रैल से जून 2026 के बीच भारत से इलेक्ट्रिक कारों का निर्यात करीब 14 गुना बढ़ गया. पिछले साल इसी समय जहां भारत से केवल 1,122 इलेक्ट्रिक कारें विदेश भेजी गई थीं, वहीं इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 15,641 यूनिट तक पहुंच गया.
खास बात यह है कि तीन महीनों में हुआ यह निर्यात पिछले पूरे वित्त वर्ष के कुल EV निर्यात का आधे से भी ज्यादा है.
पेट्रोल-डीजल महंगा होने से बढ़ी EV की मांग
दुनियाभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण लोग अब कम खर्च वाली इलेक्ट्रिक कारों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं.
जानकारों के अनुसार, ईंधन की बढ़ती कीमतों और पर्यावरण को लेकर बढ़ती जागरूकता का फायदा इलेक्ट्रिक वाहनों को मिल रहा है. इसका सीधा लाभ भारत की ऑटो कंपनियों को हो रहा है.
मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा जैसी कंपनियां अब विदेशी बाजारों में अपनी इलेक्ट्रिक कारों को उतारने पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं.
मारुति की e-Vitara ने बनाया रिकॉर्ड
भारत से इलेक्ट्रिक कारों के निर्यात में मारुति सुजुकी की नई इलेक्ट्रिक SUV e-Vitara का बड़ा योगदान रहा है. कंपनी ने सिर्फ तीन महीनों में 15,210 e-Vitara कारों को 47 देशों में भेजा है. इनमें ब्रिटेन सबसे बड़ा बाजार रहा, जबकि दक्षिण अफ्रीका दूसरे स्थान पर रहा.
मारुति ने हाल ही में यूरोप समेत 20 नए देशों में अपनी इलेक्ट्रिक SUV लॉन्च की है. कंपनी का कहना है कि भारत में बनी कारों की बेहतर गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक और किफायती कीमत के कारण विकसित देशों में भी इनकी मांग बढ़ रही है. कंपनी आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक कारों की संख्या बढ़ाने की तैयारी कर रही है.
टाटा मोटर्स भी बढ़ा रही ग्लोबल तैयारी
टाटा मोटर्स भी इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की योजना पर काम कर रही है. कंपनी ने दक्षिण एशिया के कुछ देशों में EV निर्यात शुरू कर दिया है और अब एशिया, अफ्रीका, यूरोप और प्रशांत क्षेत्र के नए बाजारों में पहुंच बढ़ाने की तैयारी कर रही है.
टाटा मोटर्स ने अगले पांच वर्षों में करीब 40 हजार करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बनाई है. इस निवेश का इस्तेमाल नए इलेक्ट्रिक मॉडल तैयार करने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में किया जाएगा.
कंपनी का लक्ष्य 2031 तक अपनी सालाना उत्पादन क्षमता को बढ़ाना और इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में इजाफा करना है.
महिंद्रा भी विदेशी बाजारों पर नजर बनाए हुए
महिंद्रा एंड महिंद्रा भी अपनी इलेक्ट्रिक SUV को अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है. कंपनी अपनी BE 6 और XEV 9e जैसी इलेक्ट्रिक SUV के ऐसे मॉडल तैयार कर रही है, जिन्हें ब्रिटेन जैसे देशों के लिए इस्तेमाल किया जा सके.
महिंद्रा की योजना पहले राइट-हैंड ड्राइव वाले देशों में अपनी पकड़ मजबूत करने की है. इसके बाद कंपनी यूरोप के दूसरे बाजारों में भी विस्तार करना चाहती है.
भारत बन रहा इलेक्ट्रिक कारों का नया केंद्र
भारतीय ऑटो कंपनियां अब सिर्फ घरेलू बाजार पर निर्भर नहीं रहना चाहतीं. बेहतर तकनीक, कम कीमत और अच्छी गुणवत्ता के कारण भारत में बनी इलेक्ट्रिक कारों की पहचान दुनिया के बाजारों में बढ़ रही है.
यूरोप से लेकर अफ्रीका तक भारतीय EV की मांग बढ़ना इस बात का संकेत है कि भारत आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण के क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकता है.
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