Budget Session Phase 2: संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से आरंभ होने जा रहा है. सत्र के पहले दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी. इसके साथ ही विदेश मंत्री एस. जयशंकर पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण हालात पर संसद में बयान देंगे.
वह लोकसभा में लगभग दोपहर 12 बजे और राज्यसभा में दोपहर 2 बजे अपनी बात रखेंगे. इस दौरान ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के संदर्भ में भारत की भूमिका को स्पष्ट किया जाएगा.
पश्चिम एशिया के मुद्दे पर विपक्ष का सरकार पर हमला
कांग्रेस और वामपंथी दलों सहित कई विपक्षी दलों ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष को लेकर सरकार की नीतियों की आलोचना की है. खासतौर पर ईरान और उसके सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या की घटना तथा भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद पर अमेरिका द्वारा दी गई छूट को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं. विपक्ष का कहना है कि इन मुद्दों पर सरकार को संसद में स्पष्ट रुख बताना चाहिए.
बहस के दौरान बिरला नहीं करेंगे कार्यवाही का संचालन
अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रस्ताव पेश होने के बाद से ही सदन की कार्यवाही के संचालन से स्वयं को अलग कर लिया है. प्रस्ताव पर बहस के दौरान वह अन्य सांसदों की तरह सदन में बैठेंगे. प्रस्ताव पर निर्णय होने के बाद वह फिर से पीठासीन अधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे.
प्रधानमंत्री ने किया अध्यक्ष का समर्थन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ओम बिरला का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने सभी दलों के सांसदों को साथ लेकर काम किया है और संविधान तथा संसदीय लोकतंत्र के सिद्धांतों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव पर चर्चा सोमवार को निर्धारित की गई है.
पश्चिम एशिया और ऊर्जा आपूर्ति का मुद्दा भी उठेगा
बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले सप्ताह में विपक्ष पश्चिम एशिया की स्थिति और उससे भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर सरकार से जवाब मांगेगा. इस क्षेत्र में लगभग 90 हजार भारतीय रहते और काम करते हैं. साथ ही भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं का एक बड़ा हिस्सा भी इसी क्षेत्र से आता है, इसलिए यह मुद्दा संसद में प्रमुख रूप से उठने की संभावना है.
कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा संभव
सरकार बजट सत्र के शेष समय में कई लंबित विधेयकों को पारित कराने का प्रयास करेगी. इनमें बिजली संशोधन विधेयक प्रमुख है. इसके अलावा दिवालियापन और दिवाला संहिता संशोधन विधेयक 2025 पर भी चर्चा हो सकती है, जिसकी रिपोर्ट संसदीय समिति पहले ही प्रस्तुत कर चुकी है.
प्रतिभूति बाजार से संबंधित नया विधेयक अभी वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति के पास विचाराधीन है. विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक को संयुक्त समिति के पास भेजा गया है, जबकि जन विश्वास संशोधन प्रावधान विधेयक की रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है.
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