Sawan first day Shiv Puja Vidhi: सावन का आगमन होते ही देशभर में शिवभक्ति की लहर दौड़ पड़ती है. मंदिरों की घंटियां, हर हर महादेव के जयकारे और शिवलिंग पर बहता जल — ये सब दर्शाते हैं कि भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना शुरू हो चुका है. इस महीने में शिव उपासना का विशेष महत्व है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि सावन में की गई पूजा शीघ्र फलदायक होती है और भोलेनाथ अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं. यदि आप भी इस पावन समय में शिवजी की पूजा करके उनका आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो यहां बताई गई आसान विधि से घर पर ही पूजन कर सकते हैं.
शिव पूजा में लगने वाली सामग्री
गंगाजल या शुद्ध जल, पंचामृत: दूध, दही, शहद, घी और शक्कर, बेलपत्र (तीन पत्तों वाला), आक या धतूरा के फूल, चंदन, चावल, रोली, मौली, दीपक, कपूर, अगरबत्ती, धूप, नारियल, फल और मिठाई.
घर पर शिव पूजा की आसान प्रक्रिया
प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें. पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें. शिवलिंग को सबसे पहले शुद्ध जल से स्नान कराएं. इसके बाद पंचामृत से अभिषेक करें और पुनः जल से धो लें. बेलपत्र, फूल, आक या धतूरा शिवलिंग पर अर्पित करें. चंदन से तिलक करें, दीपक और धूप जलाएं. फल व मिठाई भगवान को अर्पण करें. शांत मन से "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का 108 बार जाप करें. अंत में आरती करें और भगवान से अपने तथा परिवार के कल्याण की प्रार्थना करें.
शिव आराधना के मुख्य मंत्र
ॐ नमः शिवाय
(यह पंचाक्षरी मंत्र अत्यंत प्रभावशाली और सरल है.)
महामृत्युंजय मंत्र:
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्.
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥ इस मंत्र का नियमित जाप मन, शरीर और आत्मा को ऊर्जा देता है और सभी बाधाओं से रक्षा करता है.
पूजन के दौरान रखें ये बातें ध्यान
तुलसी पत्र शिव पूजा में कभी न चढ़ाएं. बेलपत्र हमेशा तीन पत्तियों वाला और साबुत हो. पूजा स्थल व स्वयं की पवित्रता का विशेष ध्यान रखें. पूजा के बाद जरूरतमंदों को अन्न या वस्त्र का दान करें.
सावन में शिव कृपा कैसे पाएं
सावन का हर दिन भगवान शिव को अर्पित है, लेकिन पहले दिन यदि श्रद्धा व विधिपूर्वक पूजा की जाए, तो पूरे वर्ष शांति, समृद्धि और कष्टों से मुक्ति मिलती है. इस माह में शिवलिंग पर केवल जल चढ़ाकर भी भगवान को प्रसन्न किया जा सकता है.
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