Khamenei Burial Date: ईरान के सर्वोच्च नेता सैयद अली खामेनेई के निधन के बाद अब उनके अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है. बताया जा रहा है कि सुरक्षा कारणों और क्षेत्र में जारी तनाव की वजह से अंतिम संस्कार पहले नहीं हो सका था. अब हालात सामान्य होने के बाद यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है.
इस कार्यक्रम में भारत की ओर से भी कुछ प्रतिनिधि शामिल होंगे. सरकार की तरफ से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ईरान जाएंगे.
विपक्ष के नेता भी जाएंगे
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने भी ईरान जाने की पुष्टि की है. उन्होंने कहा है कि वह पार्टी के प्रतिनिधि के तौर पर इस कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भी अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए ईरान जाएंगी.
कई नेताओं को मिला था न्योता
जानकारी के अनुसार, ईरान की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को भी आमंत्रण भेजा गया था. वहीं भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन को भी न्योता मिला था, लेकिन उनके कार्यक्रम में शामिल होने की कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
सैयद अता हसनैन की मौजूदगी क्यों खास?
बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन का इस दौरे पर जाना खास माना जा रहा है. माना जा रहा है कि उनकी मौजूदगी भारत और ईरान के रिश्तों को मजबूत करने के लिहाज से भी अहम हो सकती है.
जम्मू-कश्मीर के करगिल और लद्दाख के लेह क्षेत्र में शिया समुदाय की अच्छी आबादी है. इन इलाकों में ईरान के शीर्ष धार्मिक नेताओं के प्रति सम्मान देखा जाता है. यही वजह है कि उनके निधन की खबर के बाद वहां कई लोगों ने शोक भी व्यक्त किया था.
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