बेंगलुरु स्थित ISRO मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, घंटों चले सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने क्या बताया?

ISRO Bomb Threat: बेंगलुरु स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मुख्यालय में गुरुवार को उस समय हलचल मच गई, जब एक ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई.

isro-bengaluru-headquarters-bomb-threat-email-found-fake-investigation
Image Source: Social Media

ISRO Bomb Threat: बेंगलुरु स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मुख्यालय में गुरुवार को उस समय हलचल मच गई, जब एक ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई. सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां तत्काल हरकत में आ गईं और पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया. एहतियात के तौर पर कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और कई घंटों तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया. हालांकि, विस्तृत जांच के बाद राहत की खबर सामने आई और यह धमकी पूरी तरह फर्जी निकली. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस ईमेल के पीछे कौन है और उसका मकसद क्या था.

धमकी मिलते ही पूरे मुख्यालय में बढ़ाई गई सुरक्षा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बम की धमकी वाला ईमेल मिलने के तुरंत बाद पुलिस, डॉग स्क्वॉयड और बम निरोधक एवं बम खोजी दस्ता (बीडीडीएस) इसरो मुख्यालय पहुंचा. सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूरे भवन को खाली कराया गया ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके. इसके बाद परिसर के हर हिस्से की बारीकी से जांच की गई. कई घंटों तक चले तलाशी अभियान में किसी भी तरह की विस्फोटक सामग्री या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली. जांच पूरी होने के बाद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ईमेल के जरिए दी गई बम की धमकी झूठी थी और इससे किसी प्रकार का वास्तविक खतरा नहीं था.

साइबर सेल कर रही ईमेल भेजने वाले की तलाश

बेंगलुरु पुलिस ने बताया कि मामले की जांच केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर की जा रही है. साइबर विशेषज्ञ ईमेल की तकनीकी जांच कर रहे हैं और आईपी एड्रेस, ईमेल अकाउंट तथा डिजिटल ट्रेल के जरिए भेजने वाले की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है. संजयनगर पुलिस थाना इस मामले की जांच का नेतृत्व कर रहा है. अधिकारियों का कहना है कि ईमेल भेजने वाले व्यक्ति की पहचान होने के बाद उसके उद्देश्य और संभावित नेटवर्क की भी जांच की जाएगी.

हाल ही में भी सामने आया था ऐसा ही मामला

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी कई महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों और एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान को बम से उड़ाने की फर्जी धमकी देने का मामला सामने आया था. उस मामले में दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी 36 वर्षीय निशांत त्यागी को गिरफ्तार किया था. जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से मानसिक बीमारी का इलाज करा रहा था.

हाई-प्रोफाइल संस्थानों को बनाया गया था निशाना

29 जून को भेजे गए धमकी भरे ईमेल में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), इसरो, न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयर इंडिया की नई दिल्ली से न्यूयॉर्क जाने वाली उड़ान को निशाना बनाया गया था. इन ईमेल के बाद संबंधित सभी संस्थानों में तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए. व्यापक जांच और तलाशी अभियान के बाद सभी धमकियां फर्जी साबित हुईं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी तकनीकी जांच जारी रखी.

डिजिटल ट्रेल से आरोपी तक पहुंची पुलिस

दिल्ली पुलिस ने तकनीकी जांच के दौरान धमकी वाले ईमेल भेजने में इस्तेमाल किए गए दो ईमेल खातों का विश्लेषण किया. जांच के दौरान डिजिटल ट्रेल के जरिए एक मोबाइल नंबर का पता चला, जिसके आधार पर पुलिस गाजियाबाद के संयोग नगर पहुंची. 30 जून को पुलिस ने संदिग्ध निशांत त्यागी को उसके घर से हिरासत में लिया. जांच में सामने आया कि उसने ओपन स्कूलिंग के जरिए पढ़ाई पूरी की थी और वर्ष 2010 में स्नातक में दाखिला लिया था, लेकिन पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी. पुलिस फिलहाल मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि भविष्य में इस तरह की फर्जी धमकियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके.

ये भी पढ़ें: भारत-जापान के रिश्तों को मिली नई मजबूती, रक्षा, ऊर्जा और AI समेत कई क्षेत्रों में हुए अहम समझौते