अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को एक अहम खुफिया जानकारी मिली है. रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान से जुड़े आतंकी हैंडलर जम्मू संभाग के सांबा और कठुआ सेक्टर में ड्रोन के जरिए हथियार और गोला-बारूद भेजने की योजना बना रहे हैं.
इस इनपुट के बाद सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.
सीमा पर बढ़ी हलचल
सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तान के सियालकोट इलाके के बदाला गुजरां क्षेत्र में कई आतंकी हैंडलरों की गतिविधियां देखी गई हैं. माना जा रहा है कि वहीं से भारत में हथियार भेजने की साजिश तैयार की जा रही है.
अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने की आशंका
एजेंसियों को शक है कि आने वाले 2 से 3 हफ्तों में ड्रोन के जरिए हथियार सीमा पार गिराए जा सकते हैं. इनका इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकियों तक पहुंचने और अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है.
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
खुफिया जानकारी के बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF), जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य एजेंसियों ने सीमा पर निगरानी बढ़ा दी है.
यात्रा मार्ग पर भी सख्ती
अमरनाथ यात्रा के पूरे रूट, बेस कैंप और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा पहले से ज्यादा मजबूत कर दी गई है. एजेंसियों का कहना है कि किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तैयारी की जा रही है.
अमरनाथ यात्रा 2026, 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी. यह यात्रा करीब 57 दिनों तक चलेगी और आमतौर पर रक्षा बंधन के दिन ‘छड़ी मुबारक’ के साथ इसका समापन होता है.