Monsoon Session: 30 दिन जेल में रहने पर PM-CM की जाएगी कुर्सी? संसद में पेश हो सकता है 130वां संविधान संशोधन विधेयक

PM-CMs Jail Bill: संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) 17 जुलाई को 130वें संविधान संशोधन विधेयक पर अपनी रिपोर्ट को मंजूरी दे सकती है, जिसके बाद इसे मानसून सत्र में संसद में पेश किए जाने की संभावना है.

Monsoon Session pm cms jail bill likely to be tabled in Parliament by nda government
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PM-CMs Jail Bill: केंद्र सरकार आगामी मानसून सत्र में एक ऐसे संवैधानिक संशोधन विधेयक को संसद में पेश कर सकती है, जिसने राजनीतिक गलियारों में पहले ही हलचल तेज कर दी है. भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में शीर्ष पदों पर बैठे जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से तैयार किए गए संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) अंतिम रिपोर्ट तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है. माना जा रहा है कि समिति 17 जुलाई को अपनी रिपोर्ट को मंजूरी दे सकती है.

जेपीसी की रिपोर्ट के बाद संसद में पेश हो सकता है विधेयक

जानकारी के अनुसार, इस संशोधन विधेयक की समीक्षा कर रही संयुक्त संसदीय समिति (JPC) 17 जुलाई को अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप दे सकती है. इसके बाद केंद्र सरकार समिति की सिफारिशों का अध्ययन करेगी और केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने पर इसे संसद के मानसून सत्र में पेश किया जा सकता है. यह विधेयक अपने एक खास प्रावधान को लेकर सबसे अधिक चर्चा में है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों और विशेषज्ञों के बीच अलग-अलग राय देखने को मिल रही है.

क्या है सबसे विवादित प्रावधान?

प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, यदि प्रधानमंत्री, किसी राज्य के मुख्यमंत्री या केंद्र एवं राज्य सरकार के मंत्री किसी गंभीर आपराधिक मामले में गिरफ्तार होते हैं और लगातार 30 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहते हैं, तो उन्हें स्वतः अपने पद से हटाया जा सकता है. बताया जा रहा है कि जेपीसी इस प्रावधान को हटाने की सिफारिश करने के पक्ष में नहीं है. हालांकि, इसके दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए रिपोर्ट में कुछ अतिरिक्त सुरक्षा प्रावधान जोड़े जा सकते हैं, ताकि किसी भी राजनीतिक प्रतिशोध या दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई के जरिए इसका गलत इस्तेमाल न हो.

समिति की बैठक में हुई व्यापक चर्चा

जानकारी के मुताबिक, समिति की हाल ही में एक बैठक हुई थी, जिसमें विभिन्न पक्षों और हितधारकों की राय पर विस्तार से विचार किया गया. अगली बैठक 17 जुलाई को प्रस्तावित है, जहां अंतिम रिपोर्ट को मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है. बैठक के दौरान कई संगठनों और विशेषज्ञों ने इस विवादित प्रावधान पर अपनी चिंताएं भी सामने रखीं, लेकिन फिलहाल संकेत यही हैं कि समिति इसे बरकरार रख सकती है.

जवाबदेही बनाम राजनीतिक दुरुपयोग की बहस

इस विधेयक ने राजनीतिक और संवैधानिक स्तर पर नई बहस छेड़ दी है. समर्थकों का कहना है कि इससे उच्च संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की जवाबदेही बढ़ेगी और भ्रष्टाचार के मामलों में कानून सभी पर समान रूप से लागू होगा. वहीं आलोचकों का तर्क है कि यदि पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो इस प्रावधान का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने और निर्वाचित सरकारों को अस्थिर करने के लिए भी किया जा सकता है.

20 जुलाई से शुरू हो सकता है संसद का मानसून सत्र

जेपीसी की रिपोर्ट मंजूर होने के बाद केंद्र सरकार उसकी सिफारिशों की समीक्षा करेगी. यदि केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलती है, तो संविधान (130वां संशोधन) विधेयक को संसद के आगामी मानसून सत्र में पेश किया जाएगा. फिलहाल संभावना है कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा, जहां इस विधेयक पर व्यापक चर्चा देखने को मिल सकती है.

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