इस्लामाबाद: एक ओर आम पाकिस्तानी नागरिक महंगाई, बेरोजगारी और भारी टैक्स के बोझ तले दबा हुआ है, वहीं दूसरी ओर देश के शीर्ष पदों पर बैठे नेताओं की सैलरी में बेतहाशा बढ़ोतरी ने नई बहस को जन्म दे दिया है. ताजा फैसले के तहत पाकिस्तान सरकार ने नेशनल असेंबली के स्पीकर और सीनेट के चेयरमैन का मासिक वेतन बढ़ाकर 13 लाख रुपये कर दिया है, जो अब तक के 2,05,000 रुपये वेतन से कई गुना ज्यादा है.
यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब देश राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक बदहाली और खैबर पख्तूनख्वा व बलूचिस्तान जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में गहराते संकटों से जूझ रहा है. सत्ताधारी नेताओं की इस लग्ज़री बढ़ोतरी ने आम लोगों की नाराजगी को और भड़का दिया है.
वेतनवृद्धि की पूरी तस्वीर
29 मई को संसदीय कार्य मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, नेशनल असेंबली स्पीकर और सीनेट चेयरमैन को अब 13 लाख रुपये मासिक वेतन मिलेगा, साथ ही उन्हें 50% अतिरिक्त भत्ता भी दिया जाएगा. यह संशोधित वेतनमान 1 जनवरी 2025 से पूर्व प्रभाव से लागू होगा. सिर्फ यहीं तक बात नहीं रुकी. इससे पहले मार्च 2025 में संघीय मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और सलाहकारों की सैलरी में 188% तक की वृद्धि कर दी गई थी. इसके तहत अब मंत्री और सलाहकार 5,19,000 रुपये मासिक वेतन पाने लगे हैं. जबकि पहले यह राशि सिर्फ 2 लाख के आसपास थी.
IMF की शर्तों पर चल रहा पाक
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से लिए गए कर्ज के सहारे चल रही है. इन कर्जों के एवज में IMF की शर्तें बेहद सख्त हैं, जिनमें जनता पर बोझ बढ़ाना शामिल है जैसे टैक्स वृद्धि, सब्सिडी में कटौती और सरकारी खर्चों में कमी. ऐसे में नेताओं की सैलरी में इस तरह की वृद्धि दोहरी नीति का संकेत देती है. प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ एक ओर जनता को खर्चों में कटौती की सलाह देते हैं, वहीं दूसरी ओर खुद की कैबिनेट का आकार बढ़ाते जा रहे हैं. प्रारंभ में 21 सदस्यीय कैबिनेट को अब 51 सदस्यों तक बढ़ाया जा चुका है, जिनका वेतन और भत्ता भी बढ़ाया गया है.
जनता में गुस्सा क्यों?
देशभर के नागरिक सोशल मीडिया और जन मंचों पर सैलरी वृद्धि की निंदा कर रहे हैं. उनका कहना है कि जहां रसोई गैस, पेट्रोल, बिजली और खाद्य पदार्थों की कीमतें आम आदमी की पहुंच से बाहर हो रही हैं, वहां करोड़ों रुपये महीने की सैलरी लेना न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि आर्थिक अन्याय भी है.
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