SU-75 Checkmate Russia: रूस ने आखिरकार अपने पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ लड़ाकू विमान Su-75 का पहला असली रूप दुनिया के सामने पेश कर दिया है. अब तक केवल मॉक-अप या मॉडल के रूप में देखे गए इस जेट की पहली वास्तविक तस्वीर रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (UAC) ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर पोस्ट की है, जिसने वैश्विक रक्षा विश्लेषकों और सैन्य विशेषज्ञों का ध्यान खींच लिया है.
तस्वीर में Su-75 को एक तकनीशियन मेंटेन कर रहा है, जबकि ठीक पीछे Su-57, रूस का प्रमुख फिफ्थ-जनरेशन फाइटर, भी नजर आ रहा है. यह फोटोग्राफ न सिर्फ दो पीढ़ियों के फाइटर जेट्स की तुलना को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि रूस का Checkmate प्रोजेक्ट अब मॉकअप से बाहर निकलकर प्रोटोटाइप स्टेज में पहुंच चुका है.
सबसे खास बात इसका V-टेल डिजाइन है. पारंपरिक वर्टिकल फिन्स और हॉरिजॉन्टल स्टैबिलाइज़र्स की जगह इसमें दो कोणीय सतहें दी गई हैं, जो मिलकर "V" आकार बनाती हैं. इससे विमान की रडार पर पकड़ना कठिन होता है और यह हवा में ज्यादा स्थिर और स्टेल्थ बनता है.
पहली बार दिखा असली प्रोटोटाइप
Su-75 को पहली बार 2021 में दुबई एयरशो में पेश किया गया था, लेकिन तब यह केवल एक मॉक-अप था. अब, यह तस्वीर एक वास्तविक प्रोटोटाइप की ओर इशारा करती है. तस्वीर में विमान पर वही चेकर्ड पेंट स्कीम है, जो Su-57 पर देखी जाती है, जिससे दोनों विमानों को पहली नजर में अलग कर पाना मुश्किल है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक तकनीकी प्रदर्शन नहीं है, बल्कि रूस का यह कदम एक भू-राजनीतिक संकेत भी है, एक स्पष्ट संदेश कि रूस, पश्चिमी देशों और विशेष रूप से अमेरिका के मुकाबले आज भी एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी में दमदार उपस्थिति रखता है.
अमेरिका के F-35 को देगा टक्कर?
Su-75 को खासतौर पर उन देशों के लिए डिजाइन किया गया है, जो अमेरिकी या यूरोपीय फाइटर जेट्स की महंगी कीमतें नहीं झेल सकते. रूस इसे "कम कीमत वाले स्टेल्थ फाइटर" के रूप में पेश कर रहा है, जिसकी कीमत करीब 25–30 मिलियन डॉलर प्रति यूनिट बताई गई है, जो कि अमेरिकी F-35 से आधी से भी कम है.
हालांकि रूस की तरफ से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह विमान फ्लाइट टेस्ट के लिए तैयार है या नहीं. इसके टेस्ट लोकेशन, उड़ान क्षमता, हथियार प्रणाली और रेंज से जुड़ी जानकारियां भी अभी साझा नहीं की गई हैं. लेकिन, इस एक तस्वीर से ही दुनिया भर के रक्षा विश्लेषकों की उत्सुकता चरम पर पहुंच गई है.
क्यों है यह तस्वीर अहम?
प्रोटोटाइप टेस्टिंग स्टेज की पुष्टि
अब तक Su-75 को मॉक-अप के रूप में देखा गया था. यह तस्वीर बताती है कि अब यह प्रोजेक्ट ग्राउंड-रेडी स्टेज में प्रवेश कर चुका है.
जियोपॉलिटिकल सिग्नल
यूक्रेन युद्ध और पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद, रूस ये दिखाना चाहता है कि वह अब भी टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर और प्रतियोगी बना हुआ है.
सस्ती कीमत में फिफ्थ जनरेशन फाइटर
यह विमान उन देशों के लिए एक विकल्प बन सकता है, जो अमेरिका और यूरोप के साथ रक्षा समझौते नहीं करना चाहते या नहीं कर सकते.
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