पेरिस में राजनीतिक संकट के बीच सुरक्षा पर उठे सवाल, प्रधानमंत्री कार्यालय के पास भीषण विस्फोट; जानें पूरा मामला

Paris Explosion: पेरिस के केंद्र में एक बार फिर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. फ्रांस की राजधानी में प्रधानमंत्री कार्यालय के पास रुए डे वरेन सड़क पर अचानक विस्फोटों की तेज आवाजें गूंजने लगीं, जिसके कुछ ही क्षणों बाद वहां खड़ी एक वैन में आग लग गई.

Security concerns political crisis in Paris massive explosion near Prime Minister office
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Paris Explosion: पेरिस के केंद्र में एक बार फिर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. फ्रांस की राजधानी में प्रधानमंत्री कार्यालय के पास रुए डे वरेन सड़क पर अचानक विस्फोटों की तेज आवाजें गूंजने लगीं, जिसके कुछ ही क्षणों बाद वहां खड़ी एक वैन में आग लग गई. मौके पर तुरंत अग्निशमन दल और पुलिस पहुंच गई और उन्होंने आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विस्फोटों की आवाजें फ्रांसीसी प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू के आधिकारिक आवास होटल डे मैटिगनॉन के सामने सड़क के उस पार सुनी गईं, जहां अचानक माहौल तनावपूर्ण हो उठा. यह घटना ऐसे वक्त पर हुई है, जब प्रधानमंत्री लेकोर्नू हाल ही में इस्तीफा दे चुके हैं और राजनीतिक संकट के बीच सरकार की बागडोर संभालने की कवायद कर रहे हैं.

विस्फोटों के कारण अभी भी अस्पष्ट, वैन में लगी आग पर काबू पाया गया

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आग वैन तक सीमित रही और किसी अन्य इमारत या क्षेत्र में फैलने की सूचना नहीं है. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विस्फोट या आग कैसे लगी. सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों में देखा गया कि आग लगी वैन एक पब्लिक लाइटिंग सर्विस कंपनी की है. सुरक्षा बलों ने घटनास्थल को घेर लिया है और इलाके में प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया गया है. यह विस्फोट फ्रांसीसी राजनीति के लिए भी एक संवेदनशील समय पर हुआ है, क्योंकि प्रधानमंत्री के इस्तीफे के बाद देश में राजनीतिक अस्थिरता व्याप्त है.

फ्रांस की सबसे कम अवधि वाली सरकार बनी

सेबेस्टियन लेकोर्नू ने मात्र 27 दिनों के कार्यकाल के बाद इस्तीफा दे दिया है, जो पांचवें गणराज्य के इतिहास में सबसे कम अवधि वाला कार्यकाल माना जा रहा है. उन्होंने अपने इस्तीफे के बाद कहा कि राजनीतिक दलों के बीच गहरा मतभेद और सहयोग की कमी ने उनके लिए काम करना असंभव बना दिया है.

लेकोर्नू ने कहा, "मुझे अब अपनी सरकार को राष्ट्रीय सभा में पेश करने की शर्तें पूरी नहीं लग रही हैं. राजनीतिक दल अक्सर इस विभाजन को अनदेखा करते हैं और अनुच्छेद 49.3 का इस्तेमाल नहीं करते." अनुच्छेद 49.3 के तहत सरकार संसद में मतदान के बिना भी विधेयक पारित कर सकती है, लेकिन इसका उपयोग विवादास्पद रहा है और विपक्षी दल इसका विरोध करते हैं.

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