रूस के 'उड़ता ट्रैक्टर' ने लील लीं 50 लोगों की जिंदगियां, जानें क्यों इस नाम से पुकारा जाता है ये प्लेन

रूस के अमूर इलाके में गुरुवार को एक बार फिर वही दर्दनाक मंजर सामने आया, जो देश की एविएशन इंडस्ट्री के पुराने घावों को हरा कर देता है. एएन-24 विमान, जिसे कभी उसकी मजबूती के लिए “उड़ता ट्रैक्टर” कहा जाता था.

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रूस के अमूर इलाके में गुरुवार को एक बार फिर वही दर्दनाक मंजर सामने आया, जो देश की एविएशन इंडस्ट्री के पुराने घावों को हरा कर देता है. एएन-24 विमान, जिसे कभी उसकी मजबूती के लिए “उड़ता ट्रैक्टर” कहा जाता था, क्रैश हो गया और इसमें सवार करीब 50 लोगों की जान चली गई. हादसा टिंडा शहर के पास हुआ, जहां विमान लैंड करने की कोशिश में असफल रहा और कुछ देर बाद ज़मीन से जा टकराया.

सोवियत संघ के जमाने में बनाए गए एएन-24 सीरिज के विमान को कभी इंजीनियरिंग का कमाल माना जाता था. यह प्लेन माइनस डिग्री तापमान में भी आसानी से लैंडिंग करने की क्षमता रखता था और रूस जैसे सर्द इलाकों में यह बहुत भरोसेमंद माना जाता था. लेकिन समय के साथ यह वही विमान दुर्घटनाओं का प्रतीक बन गया है. 1300 से ज्यादा AN-24 विमान 1960 और 1980 के बीच बने थे. बीते 46 सालों में 88 विमानों के हादसे दर्ज हुए हैं, जिनमें से 65 तकनीकी या छोटी दुर्घटनाओं में नष्ट हो गए. हर साल औसतन 2 विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं, जो इसे दुनिया के सबसे खतरनाक सक्रिय विमानों में से एक बनाता है.

पिछली घटनाएं और खराब रिकॉर्ड

2023 में इसी सीरिज का एक विमान रूस में क्रैश हुआ था, जिसमें 37 लोगों की मौत हुई थी. 2011 में सर्बिया में हादसे के बाद तत्कालीन रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवदेव ने इस विमान को उड़ान से हटाने की बात कही थी, लेकिन ज़रूरत और विकल्पों की कमी के चलते यह संभव नहीं हो पाया. जो विमान इस बार क्रैश हुआ, वह 2018 से अब तक 4 बार उड़ान के दौरान अस्थिर हो चुका था.

मरम्मत की चुनौती और रूस-यूक्रेन युद्ध का असर

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध का असर एएन-24 जैसे पुराने विमानों पर भी पड़ा है. यूक्रेन से मरम्मत के उपकरण और तकनीकी सहायता न मिलने के कारण रूस में इन विमानों की देखरेख मुश्किल हो गई है. यही वजह है कि कई विमान तकनीकी रूप से असुरक्षित स्थिति में उड़ान भर रहे हैं.

ताज़ा हादसा: क्या हुआ था उस दिन?

गुरुवार को जो विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ, वह टिंडा एयरपोर्ट पर उतरने की कोशिश कर रहा था. एक बार लैंडिंग की कोशिश असफल रही, जिसके बाद पायलट ने विमान को फिर ऊपर उठाया. लेकिन कुछ ही किलोमीटर बाद, टिंडा से 15 किमी दूर जंगलों में वह क्रैश हो गया. विमान में कुल 49 लोग सवार थे जिनमें 43 यात्री और 6 क्रू मेंबर शामिल थे. रिपोर्ट्स के अनुसार, एक चीनी नागरिक भी सवार था, यानी हादसे में 48 रूसी और 1 चीनी नागरिक की मौत हुई है.

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