नेपाल के दिग्गज पर्वतारोही निर्मल पुर्जा का निधन, PoK के ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन ने ली जान

Nirmal Purja Death: दुनिया के मशहूर पर्वतारोही निर्मल निम्सदाई पुर्जा की पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में ब्रॉड पीक पर एवलांच की चपेट में आने से मौत हो गई. इस हादसे में उनके साथ मौजूद दूसरे पर्वतारोहियों की भी जान चली गई.

Renowned Nepali mountaineer Nirmal Purja passes away avalanche on Broad Peak in PoK claims life
Image Source: Social Media

Nirmal Purja Death: दुनिया के मशहूर पर्वतारोही निर्मल निम्सदाई पुर्जा की पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में ब्रॉड पीक पर एवलांच की चपेट में आने से मौत हो गई. इस हादसे में उनके साथ मौजूद दूसरे पर्वतारोहियों की भी जान चली गई.

निर्मल पुर्जा को दुनिया भर में एक बेहतरीन पर्वतारोही के तौर पर जाना जाता था. उन्होंने कई ऊंची चोटियों पर रिकॉर्ड बनाए थे. उनकी मौत की खबर से पर्वतारोहण जगत में शोक की लहर है.

एवलांच में निर्मल पुर्जा समेत कई पर्वतारोहियों की मौत

पर्वतारोहण कंपनी एलीट एक्सपेड ने बयान जारी कर निर्मल पुर्जा की मौत की पुष्टि की. कंपनी ने कहा कि ब्रॉड पीक पर आए एवलांच के बाद निर्मल पुर्जा और उनके साथ गए अन्य सदस्य हादसे का शिकार हो गए.

कंपनी ने बताया कि इस दुर्घटना में उनके क्लाइंबिंग पार्टनर और गाइड पुर बहादुर गुरुंग और नीमा शेरपा की भी मौत हुई है. कंपनी ने मृतकों के परिवार और दोस्तों के प्रति संवेदना जताई है.

ब्रॉड पीक पर जाने का फैसला क्यों लिया था?

निर्मल पुर्जा ने ब्रॉड पीक अभियान शुरू करने से पहले सोशल मीडिया पर बताया था कि यह उनका पहले से तय प्लान नहीं था. उन्होंने कहा था कि शुरुआत में उनका लक्ष्य सिर्फ जी-2 चोटी पर चढ़ाई करना था. लेकिन पाकिस्तान जाने से पहले उन्होंने अपनी 8 हजार मीटर से ऊंची चोटियों की उपलब्धियों को देखा और महसूस किया कि अगर वह ब्रॉड पीक पर भी सफल होते हैं तो उनके पास इतिहास बनाने का मौका होगा.

निर्मल पुर्जा का लक्ष्य दुनिया की सभी 14 आठ हजार मीटर से ऊंची चोटियों पर दो बार चढ़ने वाले पहले पर्वतारोही बनना था. खास बात यह थी कि वह यह उपलब्धि बिना अतिरिक्त ऑक्सीजन के हासिल करना चाहते थे.

रेस्क्यू टीम को थी जिंदा मिलने की उम्मीद

एवलांच के बाद कुछ समय तक उम्मीद बनी हुई थी कि निर्मल पुर्जा सुरक्षित हो सकते हैं. उनके ट्रैकिंग डिवाइस में हलचल दिखाई दी थी, जिसके बाद रेस्क्यू टीमों को लगा कि वह जिंदा हैं और मदद का इंतजार कर रहे हैं. इसके बाद ऊंचाई वाले इलाके में बचाव अभियान शुरू किया गया. टीमें उन्हें तलाशने में जुटी रहीं और उम्मीद थी कि उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जा सकेगा.

ड्रोन से मिली हादसे की दर्दनाक तस्वीर

बाद में रेस्क्यू टीमों को पता चला कि एवलांच इतना भयानक था कि किसी के बचने की संभावना बेहद कम थी. सर्च ऑपरेशन के दौरान ड्रोन की मदद से कॉनकॉर्डिया इलाके में कैंप-1 के नीचे कुछ पर्वतारोहियों के शव दिखाई दिए. इनमें निर्मल पुर्जा, किली पेम्बा शेरपा, नीमा शेरपा और वांग झोंग शामिल थे.

रेस्क्यू टीमों के मुताबिक, एवलांच में फंसे सभी 10 पर्वतारोहियों की मौत होने की आशंका जताई गई है. निर्मल पुर्जा की मौत पर्वतारोहण की दुनिया के लिए एक बड़ी क्षति मानी जा रही है.

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