कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को मिला एक और गोल्ड, कनाडा की बॉक्सर को हराकर प्रीति पवार ने रचा इतिहास

Preeti Pawar CWG 2026: भारतीय मुक्केबाज प्रीति पवार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीत लिया. फाइनल मुकाबले में उन्होंने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा अंदाज में हराया.

India wins another gold at the Commonwealth Games Preeti Pawar defeating a Canadian boxer
Image Source: Social Media

Preeti Pawar CWG 2026: भारतीय मुक्केबाज प्रीति पवार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीत लिया. फाइनल मुकाबले में उन्होंने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा अंदाज में हराया.

प्रीति पूरे मुकाबले में आत्मविश्वास से भरी नजर आईं और तीनों राउंड में उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी पर दबदबा बनाए रखा. इस जीत के साथ भारत की झोली में कॉमनवेल्थ गेम्स का छठा गोल्ड मेडल भी आ गया.

गोल्ड जीतने तक का सफर

प्रीति पवार ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया. उन्होंने अपने पहले मुकाबले में डेबोरा मटेंजे को हराकर जीत के साथ शुरुआत की. इसके बाद क्वार्टर फाइनल में नॉर्थ आयरलैंड की निकोल क्लाइड को मात दी. सेमीफाइनल में प्रीति ने जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को हराया और फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को शिकस्त देकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया.

कभी बॉक्सर नहीं बनना चाहती थीं प्रीति

आज देश के लिए गोल्ड जीतने वाली प्रीति पवार एक समय बॉक्सिंग से दूर रहना चाहती थीं. उन्हें डर था कि इस खेल में चेहरे पर चोट लग सकती है. लेकिन उनके चाचा विनोद पवार, जो खुद पूर्व बॉक्सर हैं, उन्होंने प्रीति का हौसला बढ़ाया. उनकी देखरेख में प्रीति ने हरियाणा के भिवानी में बॉक्सिंग की ट्रेनिंग शुरू की और धीरे-धीरे इस खेल में अपनी अलग पहचान बना ली.

परिवार से मिला पूरा साथ

प्रीति पवार का परिवार भी खेलों से जुड़ा रहा है. उनके पिता सोमवीर हरियाणा पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं और पहले कबड्डी खिलाड़ी रह चुके हैं. उनकी मां शामिनी देवी भी पूर्व एथलीट हैं.

प्रीति के पिता ने आमिर खान की फिल्म दंगल देखने के बाद अपनी बेटी को खेलों में आगे बढ़ाने का फैसला किया. इसके साथ ही ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक की सफलता ने भी उन्हें प्रेरित किया. परिवार के लगातार सहयोग ने प्रीति को एक सफल मुक्केबाज बनने में बड़ी भूमिका निभाई.

कम उम्र में शुरू किया था बॉक्सिंग करियर

प्रीति पवार ने 14 साल की उम्र में बॉक्सिंग शुरू की थी. मेहनत और शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने कई बड़े टूर्नामेंट में देश का नाम रोशन किया. उन्होंने खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2021 में गोल्ड मेडल जीता. 

इसके बाद एशियन अंडर-22 चैंपियनशिप 2024, वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल्स 2025 और एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 में भी गोल्ड अपने नाम किया. अब कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड जीतकर उन्होंने अपने करियर की एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली.

भारतीय सेना में भी बना चुकी हैं खास पहचान

प्रीति पवार की उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें भारतीय सेना में जूनियर अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया. वह पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं जिन्हें सीधे जूनियर अधिकारी के तौर पर कमीशन मिला है. अब कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतकर प्रीति ने एक बार फिर साबित कर दिया कि लगातार मेहनत और मजबूत इरादों के दम पर बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं.

ये भी पढ़ें- CWG 2026 Boxing: बॉक्सिंग में 10 गोल्ड मेडल जीत सकता है भारत, फाइनल में पहुंचे सभी मुक्केबाज