पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. क्षेत्र में सरकार और सुरक्षा बलों के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ता दिख रहा है. हजारों प्रदर्शनकारी मुजफ्फराबाद की ओर मार्च कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे अपनी आगे की रणनीति का ऐलान करेंगे.
रावलकोट से शुरू हुआ बड़ा प्रदर्शन
PoK के रावलकोट में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं. सामने आए वीडियो में हजारों लोगों की भीड़ दिखाई दे रही है. इस प्रदर्शन में स्थानीय लोगों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं.
🚨 Massive protests happening in PoJK.
— War & Gore (@Goreunit) July 14, 2026
Thousands of people have gathered to protest against the pakistani tyranny tomorrow in Muzaffarabad... pic.twitter.com/LSBVkCcQNA
रिपोर्ट के मुताबिक, कई स्कूली बच्चे अपने माता-पिता और शिक्षकों के साथ रावलकोट के ईदगाह मैदान पहुंचे. बच्चों के हाथों में सफेद झंडे दिखाई दिए. प्रदर्शनकारी इलाके में पाकिस्तान सरकार की नीतियों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं.
JAAC ने दिया था अल्टीमेटम
इस आंदोलन का नेतृत्व जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) कर रही है. संगठन ने पाकिस्तान सरकार को अपनी मांगें पूरी करने के लिए समय दिया था. संगठन का कहना है कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आगे बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे.
अब सभी की नजर इस बात पर है कि मुजफ्फराबाद पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारी क्या ऐलान करते हैं.
पाकिस्तान ने बढ़ाई सुरक्षा, रास्ते किए बंद
बढ़ते प्रदर्शन को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने मुजफ्फराबाद और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है. हजारों अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है.
मुजफ्फराबाद जाने वाले कई रास्तों पर बैरिकेड, कंटेनर और कंटीले तार लगाए गए हैं. प्रशासन की कोशिश है कि प्रदर्शनकारियों को शहर तक पहुंचने से रोका जा सके.
प्रदर्शन से पहले हुई हिंसक झड़पें
मुजफ्फराबाद मार्च से पहले कई इलाकों में तनाव देखने को मिला. पुंछ, रावलकोट और सुधनोती में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुईं.
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और कार्रवाई की गई. इस दौरान कई लोगों के मारे जाने और घायल होने की खबरें सामने आई हैं.
इंटरनेट सेवा बंद, बाजारों पर असर
प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए कई इलाकों में मोबाइल इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी गई हैं. प्रशासन को आशंका है कि इंटरनेट के जरिए प्रदर्शन तेजी से फैल सकता है.
वहीं, कई जगहों पर बाजार बंद हैं और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई है. प्रदर्शनकारियों ने कई प्रमुख रास्तों पर धरना दिया है.
UKPNP ने उठाए मानवाधिकार के मुद्दे
इस बीच यूनाइटेड कश्मीर पीपल्स नेशनल पार्टी (UKPNP) ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की है. संगठन ने PoK में मानवाधिकारों की स्थिति पर चिंता जताई है.
UKPNP ने पाकिस्तान प्रशासन से मांग की है कि गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा किया जाए, बल प्रयोग रोका जाए और हिरासत में लिए गए लोगों को कानूनी प्रक्रिया के तहत पेश किया जाए.
महिलाओं और बच्चों की बड़ी भागीदारी
इस बार के प्रदर्शन में महिलाओं और बच्चों की भागीदारी भी चर्चा में है. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे प्रदर्शन में शामिल नजर आ रहे हैं.
प्रदर्शनकारी महंगाई, बिजली और आटे की समस्या के साथ-साथ सुरक्षा बलों की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं. अब सबकी नजर मुजफ्फराबाद में होने वाले अगले कदम पर टिकी हुई है.
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